भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। संयुक्त टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण कर पानी सप्लाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

भिलाई 15 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर के वार्ड-67, सेक्टर-7 (सड़क 37ए) में पीलिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हालात को देखते हुए विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है और प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है। 14 अप्रैल 2026 को स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कदम उठाए।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रभावित इलाके में लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
यह निरीक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के निर्देशन में किया गया। वहीं जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे के मार्गदर्शन में टीम ने क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान सिविल अस्पताल सुपेला के प्रभारी डॉ. पियाम सिंह, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट रितिका सोनवानी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी और मितानिन भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि पीलिया के मामलों के पीछे दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पीलिया एक वायरल संक्रमण है, जो आमतौर पर गंदे पानी और संक्रमित भोजन के जरिए फैलता है। इसके लक्षण संक्रमण के 15 से 50 दिनों के भीतर सामने आते हैं। प्रमुख लक्षणों में भूख न लगना, गहरे पीले रंग की पेशाब, उल्टी, सिरदर्द, कमजोरी, थकान, आंखों और त्वचा का पीला पड़ना तथा पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। साथ ही किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने की सलाह दी गई है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इलाके में पानी की आपूर्ति नगर निगम के माध्यम से की जा रही है। पाइपलाइन में खराबी या लीकेज की आशंका जताई गई है, जिसके कारण पानी दूषित हो सकता है। इस समस्या को दूर करने के लिए संबंधित पाइपलाइन को बदला जा रहा है।
इस कार्य में भिलाई इस्पात संयंत्र भी सहयोग कर रहा है, ताकि जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन सुधार के बाद स्थिति में और सुधार आने की उम्मीद है।


