
समर्थक की फोटो
अंबिकापुर, 3 जून 2026। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार के बीच हुए विवाद के मामले में बुधवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। विधायक के दो समर्थकों पंकज गुप्ता और नाजिम रजा ने सीतापुर थाने में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। सरेंडर के बाद पुलिस ने दोनों को चेकलिस्ट पर रिहा कर दिया।
जानकारी के अनुसार, विधायक और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेशभर के राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल पर थे। इसी बीच विधायक रामकुमार टोप्पो, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के बीच लंबी चर्चा के बाद मामले में सहमति बनी, जिसके पश्चात दोनों समर्थकों ने थाने पहुंचकर सरेंडर किया।
सूत्रों के अनुसार, नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी और एसडीएम फगेश सिन्हा को सीतापुर से हटाने की मांग पर भी चर्चा हुई। इससे पहले विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन किसी शासकीय कार्य से नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंची थीं। इस दौरान उनकी अधिकारी से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर कथित रूप से अधिकारी ने फाइल फेंक दी और महिला को कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा।
घटना की जानकारी मिलने पर विधायक समर्थक मौके पर पहुंच गए, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद और हाथापाई की स्थिति निर्मित हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया।
राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल बनी चर्चा का विषय
घटना के विरोध में राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने विधायक एवं उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हड़ताल शुरू कर दी थी। हड़ताल के कारण प्रदेश के कई तहसीलों में राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हुए और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन समाधान की कोशिश में
जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मध्यस्थता के बाद फिलहाल स्थिति सामान्य होने की दिशा में बढ़ती दिखाई दे रही है। हालांकि मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सभी पक्षों की नजरें आगामी निर्णयों पर टिकी हुई हैं।

