रायपुर 23 अप्रैल 2026। राज्य सरकार ने अपने उस आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें शासकीय कर्मचारियों पर राजनीतिक पाबंदियां लगायी गयी थी। राज्य सरकार की तरफ से कर्मचारियों को सिविल सर्विस कंडक्ट की याद दिलाते हुए ये कहा गया था कि राज्य सरकार के कर्मचारी राजनीतिक पद धारण नहीं कर सकते हैं।
कर्मचारी संगठनों की तरफ से इसका तीखा विरोध किया गया, जिसके बाद अब राज्य सरकार की तरफ से जारी आदेश को रद्द कर दिया गया है।
जानिये क्या था आदेश में
जारी निर्देश में राजस्व मंडल छत्तीसगढ़, बिलासपुर सहित राज्य के सभी शासकीय कार्यालयों को संबोधित करते हुए कहा गया है कि अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्पक्षता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ करें। शासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवकों के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों का पालन अनिवार्य है।
राजनीतिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध
आचरण नियमों के तहत यह साफ तौर पर कहा गया है कि कोई भी शासकीय सेवक किसी राजनीतिक दल या संगठन का सक्रिय सदस्य नहीं हो सकता। साथ ही, किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेना भी पूरी तरह प्रतिबंधित है। शासन ने यह भी निर्देशित किया है कि कर्मचारी किसी भी संगठन, समिति या संस्था में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के कोई पद धारण नहीं कर सकते।

अन्य पदों पर भी सख्ती
निर्देश में यह भी उल्लेख किया गया है कि शासकीय सेवक किसी भी ऐसे पद या जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे उनके सरकारी कार्यों की निष्पक्षता प्रभावित हो। चाहे वह शासकीय संस्था हो या अशासकीय, बिना अनुमति किसी भी प्रकार की भागीदारी नियमों का उल्लंघन मानी जाएगी।


