
एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों ने सीखी प्रेरित प्रजनन, हैचरी संचालन और मत्स्य बीज उत्पादन की आधुनिक तकनीकें

दुर्ग, 4 अगस्त। शासकीय वी.वाई.टी. स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा एमएससी प्राणीशास्त्र के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए जिला बालोद स्थित अर्जुंदा मत्स्य फार्म का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक मत्स्य पालन, मत्स्य संवर्धन तथा प्रेरित प्रजनन (इंड्यूस्ड ब्रीडिंग) की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों से अवगत कराना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ब्रूड स्टॉक प्रबंधन, हैचरी संचालन, मत्स्य बीज उत्पादन, तालाब प्रबंधन, जल गुणवत्ता परीक्षण, संतुलित आहार प्रबंधन, रोग नियंत्रण तथा आधुनिक मत्स्य पालन की उन्नत तकनीकों का प्रत्यक्ष अध्ययन किया। मत्स्य फार्म के विशेषज्ञों ने प्रेरित प्रजनन की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
यह शैक्षणिक भ्रमण डॉ. अलका मिश्रा एवं श्री अनुराग मिश्रा के मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। उनके निर्देशन में विद्यार्थियों ने कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ते हुए मत्स्य विज्ञान की नवीनतम तकनीकों को निकट से समझा।
प्राणीशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. दिव्या के. मिंज ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, व्यावहारिक दक्षता तथा अनुसंधान क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह के सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही यह शैक्षणिक गतिविधि सफलतापूर्वक आयोजित हो सकी।
इस अवसर पर विभाग की ओर से अर्जुंदा मत्स्य फार्म के प्रबंधक एवं तकनीकी विशेषज्ञ प्रदीप सोनी के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने भी भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं अपने शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा जताई।
