
फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और विवरणों में संशोधन की प्रक्रिया समझाई गई
भिलाई-3। डॉ. खबूचंद बघेल शासकीय महाविद्यालय, भिलाई-3, दुर्ग में 16 अक्टूबर 2026 को मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय में अध्ययनरत युवा छात्र-छात्राओं को मताधिकार के प्रति जागरूक करना तथा नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. भारती सेठी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मताधिकार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में प्रत्येक मतदाता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए सभी पात्र नागरिकों को अपने मताधिकार के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीकरण की दी गई जानकारी
महाविद्यालय में गठित निर्वाचक साक्षरता क्लब (ईएलसी) की टीम के सदस्यों ने विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 का वितरण किया। इस दौरान नए युवा मतदाताओं को पंजीकरण की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।
शिविर में उपस्थित बूथ लेवल अधिकारी अभिषेक वर्मा एवं ब्लॉक लेवल ऑफिसर योगमाया वर्मा ने विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नाम में संशोधन कराने तथा ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया समझाई। अधिकारियों ने बताया कि पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नाम, जन्मतिथि, पता अथवा अन्य विवरणों में त्रुटि होने पर आवश्यक सुधार के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।
प्राचार्य के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अश्विनी महाजन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में निर्वाचक साक्षरता क्लब की नोडल अधिकारी रेणु वर्मा सहित ईएलसी सदस्य डॉ. मंजुला गुप्ता, डॉ. अल्पना दुबे, डॉ. शैलेन्द्र ठाकुर, डॉ. ममता सराफ, डॉ. नीलम गुप्ता, डॉ. दीप्ति बघेल, दिनेश देवांगन, कमुन वर्मा एवं डॉ. पूजा यादव उपस्थित रहे।
शिविर में प्रथम वर्ष सहित विभिन्न सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। ईएलसी सदस्यों ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को समझें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे।

