
अनिल पंडित और अवैध हथियार सप्लाई करने वाले अमन से कनेक्शन की जांच, विदेश भेजने का भी दिया गया था ऑफर
मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर 18 अक्टूबर को हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान नए खुलासे सामने आए हैं। हरियाणा के सोनीपत निवासी आरोपी रेहान की गिरफ्तारी के बाद उसके दो दोस्तों समीर और बोनी को भी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस कार्रवाई की पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, रेहान की मां शमशीदा ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को दो लाख रुपये कमाने का लालच देकर इस मामले में फंसाया गया।
पुलिस की जांच में गैंगस्टर अनिल पंडित के साथ आरोपियों के संपर्क और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फायरिंग की साजिश कैसे रची गई और आरोपियों को किसने निर्देश दिए थे।
हथियारों के साथ तस्वीरें डालने पर पहले भी दर्ज हुआ था मामला
रेहान की मां शमशीदा के मुताबिक, अगस्त 2026 में रेहान और उसके कुछ दोस्तों ने हथियारों के साथ तस्वीरें खिंचवाई थीं। इनमें समीर और बोनी के नाम भी सामने आए थे। इन तस्वीरों को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए जाने के बाद रेहान के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में उसे करीब 14 दिन जेल में रहना पड़ा था।
मां ने बताया कि रेहान 5 सितंबर को जमानत पर जेल से बाहर आया था। जमानत की प्रक्रिया के दौरान गोहाना निवासी अमन का फोन आया था। उसने रेहान के पास अवैध हथियार मिलने की बात कहकर जमानत कराने की जरूरत बताई थी। इसके बाद अमन को एक दुकान के माध्यम से 3,000 रुपये भेजे गए थे।
मां का आरोप- दो लाख रुपये देने का लालच देकर बेटे को गुमराह किया
शमशीदा के अनुसार, जेल से छूटने के कुछ दिन बाद रेहान के पास किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। इसके बाद वह अचानक लापता हो गया। मां का दावा है कि उस व्यक्ति ने रेहान को अपने लिए काम करने के बदले दो लाख रुपये देने का लालच दिया था।
हालांकि, शमशीदा यह नहीं बता सकीं कि वह व्यक्ति कौन था और उसने रेहान को किस तरह का काम करने के लिए कहा था। उन्होंने आशंका जताई कि उनके बेटे को गुमराह कर इस वारदात में शामिल किया गया होगा। उनका यह भी दावा है कि पहले भी रेहान को फंसाने की कोशिश की गई थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमन के संपर्क में थे दोनों आरोपी, अवैध हथियारों की सप्लाई की जांच
इस मामले में गोहाना निवासी अमन का नाम भी जांच के दायरे में आया है। बताया जा रहा है कि रेहान और दूसरा नाबालिग आरोपी अमन के संपर्क में थे। अमन के खिलाफ अवैध हथियारों से संबंधित मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
रेहान की मां के अनुसार, अमन ने ही फोन कर उनके बेटे की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी और जमानत कराने के लिए संपर्क किया था। दूसरी ओर, नाबालिग आरोपी के परिवार ने भी उसके अमन के पास रहने की बात बताई है। हालांकि, अमन का फायरिंग की घटना में क्या भूमिका थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस इस संबंध की जांच कर रही है।
समीर के जरिए अनिल पंडित से संपर्क होने की जानकारी
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, करीब डेढ़ महीने पहले समीर ने रेहान की बातचीत अनिल पंडित से कराई थी। आरोप है कि अनिल पंडित ने समीर के माध्यम से रेहान को 35 हजार रुपये देने और विदेश भेजने का प्रस्ताव दिया था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों को किस उद्देश्य से इस नेटवर्क से जोड़ा गया था।
फायरिंग में शामिल रेहान और दूसरा नाबालिग आरोपी वारदात से करीब 10 दिन पहले मुंबई पहुंचे थे। जांच में दोनों के अनिल पंडित के संपर्क में होने की बात सामने आई है। हालांकि, मामले में सामने आए अलग-अलग दावों और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फायरिंग के बाद मुंबई से सूरत पहुंचे थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी टैक्सी से मुंबई से सूरत पहुंचे। इसके बाद उन्होंने ट्रेन से आगे की यात्रा की। सूरत रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में उनकी तस्वीरें कैद हुई थीं। बताया गया है कि आरोपी बिना टिकट ट्रेन में यात्रा कर रहे थे और रास्ते में उनसे जुर्माना भी वसूला गया था।
आरोपियों के पास मिले एक बैग में तीनों के कपड़ों की एक-एक जोड़ी थी। उनमें से दो के पास मोबाइल फोन मिले, जबकि एक आरोपी ने रास्ते में अपना मोबाइल फेंक दिया था। पुलिस को संदेह है कि आरोपी आगे जयपुर पहुंचकर नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। इससे पहले ही उन्हें कोटा से पकड़ लिया गया।
अनिल पंडित पर पहले भी फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का आरोप
इस मामले में अनिल पंडित का नाम कथित मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया है। वह हरियाणा के पानीपत जिले के रेरकलां गांव का निवासी बताया गया है। जानकारी के अनुसार, वह वर्ष 2022 में नौकरी के लिए दुबई गया था और 2024 में कथित तौर पर अवैध रास्ते से अमेरिका पहुंचा। वहां उसके लॉरेंस गैंग से जुड़े गैंगस्टर हैरी बॉक्सर के संपर्क में आने की बात सामने आई है।
अनिल पंडित ने हाल ही में हरियाणवी गायक दिलेर खरकिया की गाड़ी पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी भी ली थी। उसके खिलाफ पानीपत में करीब 10 मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। पुलिस टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में उसकी भूमिका और आरोपियों को निर्देश देने से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
नाबालिग आरोपी के घर छोड़ने की कहानी भी आई सामने
दूसरे आरोपी के नाबालिग होने की जानकारी सामने आई है। उसके पिता के मुताबिक, करीब एक महीने पहले घर में बहन के साथ विवाद के बाद उन्होंने बेटे की पिटाई कर दी थी। इसके बाद वह घर छोड़कर गोहाना निवासी अमन के पास रहने लगा था।
परिवार ने यह भी बताया कि इससे पहले पंजाब में बाइक चोरी से जुड़े एक मामले में उसका नाम सामने आया था। परिवार का कहना था कि बाइक खरीदने के बाद उसके चोरी की होने की जानकारी मिली थी। इन घटनाओं और वर्तमान फायरिंग केस के बीच संबंधों की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच आरोपियों के आपसी संपर्क, कथित आर्थिक प्रलोभन, अवैध हथियारों की सप्लाई और अनिल पंडित की भूमिका पर केंद्रित है। मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच और आधिकारिक पुलिस जानकारी के आधार पर ही हो सकेगी।


