दुर्ग में बाढ़ के बीच 7 माह की बच्ची समेत तीन महिलाओं का रेस्क्यू, SDRF ने मोटरबोट से सुरक्षित निकाला

Spread the love

लगातार बारिश से नदी-नालों में उफान, दुर्ग जिले में अब तक करीब 160 लोगों को बचाया गया

दुर्ग। जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच रानीतराई थाना क्षेत्र के ग्राम केसरा में खारुन नदी का पानी बढ़ने से तटीय इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए। यहां एक परिवार की 7 माह की बच्ची, उसकी मां और एक बुजुर्ग महिला पानी के तेज बहाव के बीच फंस गईं। सूचना मिलने पर नगर सेना की एसडीआरएफ टीम ने मोटरबोट की मदद से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार, 26 सितंबर को ग्राम केसरा में खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी किनारे बसे क्षेत्र में पानी भर गया था। तेज बहाव के कारण बच्ची, उसकी मां और बुजुर्ग महिला के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। परिवार की ओर से मदद की सूचना दिए जाने के बाद जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में एसडीआरएफ टीम को मौके पर भेजा गया।

रेस्क्यू टीम मोटरबोट, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू रिंग और अन्य आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। जवानों ने पहले जलस्तर और बहाव की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद सावधानीपूर्वक मोटरबोट को फंसे हुए परिवार तक पहुंचाया गया। टीम ने 7 माह की बच्ची को सुरक्षित संभालते हुए उसकी मां और बुजुर्ग महिला को भी मोटरबोट में बैठाया और तीनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

शिवनाथ नदी के बढ़ते जलस्तर से कई इलाकों में असर

लगातार बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा। कुम्हारी थाना क्षेत्र के परसदा स्थित जगदीश बाड़ी में पानी भरने के बाद एसडीआरएफ और बचाव दल ने करीब 60 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे।

अमलेश्वर थाना क्षेत्र के मटिया खार सहित अन्य प्रभावित इलाकों में भी बचाव अभियान चलाया गया। अलग-अलग स्थानों से अब तक करीब 160 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।

महमरा एनीकट के ऊपर से बहा पानी

बारिश के चलते महमरा एनीकट के ऊपर भी पानी बहने लगा। 25 सितंबर की शाम तक एनीकट के ऊपर करीब चार फीट पानी बह रहा था। सुरक्षा को देखते हुए महमरा जाने वाले रास्ते को बंद करना पड़ा। नदी किनारे बसे गांवों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। जलस्तर बढ़ने के बाद पुराने पुल के ऊपर से भी पानी बहने की सूचना सामने आई, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।

पुलगांव नाले का पानी दुर्ग शहर तक पहुंचा

लगातार बारिश का असर दुर्ग शहर में भी दिखाई दिया। पुलगांव नाले का पानी शहर की ओर पहुंचने से पुलगांव पुल के आसपास आवाजाही प्रभावित हुई। नाले के पास स्थित पेट्रोल पंप में भी पानी भर गया।

दुर्ग कोतवाली परिसर में भी जलभराव की स्थिति बनी। पानी पुलिसकर्मियों के कमरों तक पहुंचने के बाद जरूरी दस्तावेज और सामान को सुरक्षित रखने के लिए ऊंचे स्थानों पर रखा गया। प्रशासन और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?