
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बुधवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी। तेज हवाओं के कारण कई मकानों की छतें उड़ गईं, जबकि दुकानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है। जिले के कई सामाजिक भवनों की छतें और संरचनाएं भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। तूफान के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।
मिली जानकारी के अनुसार, आंधी-तूफान के दौरान कई बड़े पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग NH-30 पर यातायात प्रभावित हो गया। सुकमा-छिंदगढ़ मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कों पर पेड़ गिरने से आवाजाही बाधित रही। प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर मार्ग बहाली में जुटी रहीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तूफान इतना तेज था कि कई घरों की टीन शेड और छतें उड़कर दूर जा गिरीं। कुछ जगहों पर बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में तूफान की भयावह स्थिति साफ दिखाई दे रही है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
जिले में हुए भारी नुकसान के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। पुलिस और वन विभाग की टीमों ने सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का काम शुरू किया। वहीं प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
बस्तर संभाग में हाई अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने बस्तर संभाग के कई जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। विभाग की ओर से मोबाइल अलर्ट संदेश भेजकर चेतावनी दी गई है कि अगले 4 से 5 घंटों के दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बारिश हो सकती है।
हालांकि दंतेवाड़ा और बीजापुर के कुछ सीमावर्ती इलाकों में असर अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
जगह-जगह दिखा तबाही का मंजर
तूफान के बाद कई इलाकों में पेड़ वाहनों पर गिर गए। राजामुंडा मेन रोड पर बसों और ट्रकों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं छिंदगढ़ से सुकमा मार्ग पर कई स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। प्रशासनिक टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 27 मई से 31 मई तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

