छत्तीसगढ़ में 97 हजार से अधिक निरक्षर मिले, बिलासपुर सबसे आगे; बस्तर-सरगुजा पीछे

Spread the love

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शत-प्रतिशत नामांकन और ‘स्कूल चलो अभियान’ जैसे प्रयासों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग अभी भी निरक्षर हैं। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के सभी 33 जिलों में कराए गए सर्वे में 97,679 निरक्षरों की पहचान हुई है। इनमें सबसे ज्यादा 11,328 निरक्षर बिलासपुर जिले में मिले हैं।

‘उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत यह सर्वे 20 मई से 27 अगस्त तक कराया गया। बिलासपुर में चिन्हित 11,328 निरक्षरों में 10,908 ग्रामीण क्षेत्रों से हैं, जबकि 420 लोग नगरीय निकायों के 163 वार्डों में मिले हैं। वहीं आदिवासी बहुल बस्तर में 7,997 और सरगुजा में 3,568 निरक्षरों की पहचान हुई है।

अक्षर ज्ञान के साथ सिखाए जाएंगे जरूरी कौशल

सर्वे के बाद अब चिन्हित निरक्षरों को अक्षर और अंक ज्ञान के साथ बुनियादी संख्यात्मक कौशल सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद उन्हें सितंबर के अंत में प्रस्तावित साक्षरता महापरीक्षा में शामिल कराया जाएगा। अभियान को गति देने के लिए बिलासपुर कलेक्टर ने अधिकारियों को साक्षरता पखवाड़ा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

10 निरक्षरों को पास कराने पर विद्यार्थियों को मिलेंगे 10 बोनस अंक

साक्षरता अभियान से स्कूली विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए शासन ने नई पहल की है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के ऐसे विद्यार्थी, जो 10 निरक्षरों को पढ़ाकर उन्हें महापरीक्षा में उत्तीर्ण कराएंगे, उन्हें स्थानीय अथवा बोर्ड परीक्षा में 10 बोनस अंक दिए जाएंगे।

पारा-मोहल्लों में पांच से 10 शिक्षार्थियों के लिए स्थानीय स्कूलों को साक्षरता केंद्र बनाया गया है। शिक्षार्थियों और स्वयंसेवी शिक्षकों का 15 सितंबर तक ‘उल्लास’ मोबाइल एप पर डिजिटल पंजीयन किया जाएगा।

7 सितंबर को कलेक्टर के नाम लिखेंगे चिट्ठी

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिले में साक्षरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके तहत 7 सितंबर को नवसाक्षर बुजुर्ग और महिलाएं ‘चिट्ठी कलेक्टर के नाम’ लिखेंगे। इसका उद्देश्य नवसाक्षरों के लेखन कौशल को बढ़ावा देना है।

वहीं 8 सितंबर को सुबह 8 बजे विशाल मानव शृंखला बनाई जाएगी। इसी दिन शाम 7 बजे घरों और सरकारी-निजी कार्यालयों के बाहर ‘उल्लास साक्षरता दीप’ जलाए जाएंगे। अभियान के दौरान नवसाक्षरों को स्मार्टफोन चलाने जैसी डिजिटल जानकारी भी देने पर जोर रहेगा।

पिछली महापरीक्षा में 3.52 लाख परीक्षार्थी हुए थे सफल

इस साल मार्च में आयोजित साक्षरता महापरीक्षा में प्रदेशभर से 3,93,661 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें 3,52,089 परीक्षार्थी सफल रहे। महिला परीक्षार्थियों का प्रदर्शन पुरुषों की तुलना में बेहतर रहा।

कुल 2.68 लाख से अधिक महिला परीक्षार्थियों में से करीब 2.41 लाख सफल हुईं। वहीं 1.25 लाख पुरुष परीक्षार्थियों में से लगभग 1.10 लाख ने परीक्षा पास की। परीक्षा में शामिल 92 ट्रांसजेंडर परीक्षार्थियों में से 80 भी सफल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?