
भिलाई। दुर्ग जिले के नेहरू नगर मुख्य मार्ग पर प्रस्तावित करीब 43 करोड़ रुपये की लागत वाले ओवरब्रिज का स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने रविवार को जोरदार विरोध किया। सैकड़ों की संख्या में रहवासी और व्यापारी अग्रसेन चौक पर एकत्रित हुए तथा काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। विरोध के समर्थन में व्यापारियों ने दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक आधे शटर बंद रखकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नेहरू नगर मुख्य मार्ग पहले से ही संकरा है। ऐसे में ओवरब्रिज के पिलर बनने से सड़क और संकरी हो जाएगी, जिससे यातायात बाधित होगा और स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
“यहां ओवरब्रिज की जरूरत नहीं”
स्थानीय रहवासियों ने बताया कि प्रस्तावित ओवरब्रिज को सेक्टर-7 से नेहरू नगर को जोड़ने वाले ब्रिज से जोड़ते हुए केपीएस चौक तक ले जाने की योजना है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में फ्लाईओवर की आवश्यकता नहीं है और यदि जरूरत हो तो परियोजना को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
विधायक रिकेश सेन पहुंचे धरना स्थल
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी आपत्तियां सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा तथा नेहरू नगर मुख्य मार्ग पर ओवरब्रिज नहीं बनने देने और परियोजना को वैकल्पिक स्थान पर शिफ्ट कराने का प्रयास किया जाएगा।
हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि पहले भी इसी तरह के आश्वासन मिले थे, लेकिन परियोजना की प्रक्रिया आगे बढ़ती रही। इसलिए वे आधिकारिक निर्णय आने तक अपना विरोध जारी रखेंगे।
व्यापार और यातायात पर असर की आशंका
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर बनने से घरों तक पहुंचना कठिन हो जाएगा, कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनेगी और स्थानीय व्यापार प्रभावित होगा। साथ ही संकरी सड़क के कारण दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि परियोजना पर पुनर्विचार करते हुए जनहित को प्राथमिकता दी जाए और वैकल्पिक स्थान पर ओवरब्रिज निर्माण की योजना बनाई जाए।

