दुर्ग-भिलाई। लखनऊ में हुए दर्दनाक कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद दुर्ग जिला प्रशासन ने जिले के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। बुधवार को एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने भिलाई के सिविक सेंटर क्षेत्र में संचालित कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सिविक सेंटर क्षेत्र में 25 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन करने पहुंचते हैं। जांच के दौरान अधिकारियों ने फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों, भवन की संरचना, आपदा की स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था तथा अन्य सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया। साथ ही कोचिंग संचालकों से सुरक्षा संबंधी आवश्यक दस्तावेज भी मांगे गए।
जिला नगर सेनानी नागेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के सभी प्रमुख कोचिंग सेंटरों की चरणबद्ध जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संस्थानों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध हो। जहां भी किसी प्रकार की कमी पाई जाएगी, वहां तत्काल सुधार के निर्देश जारी किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी भी आपात स्थिति में जनहानि से बचाव के लिए सभी संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
गौरतलब है कि हाल ही में लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना में कई छात्रों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं और विभिन्न राज्यों में विशेष जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में दुर्ग जिले में भी प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए सुरक्षा ऑडिट शुरू किया है।
अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में जिले के अन्य कोचिंग संस्थानों का भी निरीक्षण किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


