
विरोध प्रदर्शन के बीच साथ नजर आए दिग्गज नेता, पुलिस के आश्वासन के बाद धरना स्थगित
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विश्रामपुर में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एकजुटता देखने को मिली। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक मंच पर नजर आए। धरनास्थल से शिवनंदपुर की चुनावी सभा तक दोनों नेता एक ही कार में पहुंचे, जहां कार की स्टेयरिंग खुद टीएस सिंहदेव ने संभाली जबकि बगल की सीट पर भूपेश बघेल बैठे दिखाई दिए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस दौरान टीएस सिंहदेव ने कहा कि वे और भूपेश बघेल हमेशा साथ हैं। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों और जिम्मेदारियों के कारण हर समय साथ दिखना संभव नहीं होता, लेकिन आपसी संवाद लगातार बना रहता है।
कांग्रेस नेताओं का थाने के सामने प्रदर्शन
दरअसल, विश्रामपुर थाना पुलिस ने भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी की शिकायत पर कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ धमकी, गाली-गलौज और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इसी कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने थाने के सामने धरना प्रदर्शन शुरू किया था।
प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पीसीसी चीफ को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच तीनों नेताओं का एक साथ मंच साझा करना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
भूपेश बघेल ने पुलिस प्रशासन पर साधा निशाना
धरने के दौरान भूपेश बघेल ने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के कांग्रेसजन “चूड़ी पहनकर नहीं बैठे हैं” और सरकारें आती-जाती रहती हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष कार्रवाई की नसीहत दी।
वहीं दीपक बैज ने आरोप लगाया कि पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिना निष्पक्ष जांच के आर्म्स एक्ट लगाना गलत है और कांग्रेस ऐसे मामलों से डरने वाली नहीं है।
पुलिस के आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
दो दिनों से जारी धरना बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। एसडीएम और एएसपी ने धरनास्थल पहुंचकर कांग्रेस नेताओं से बातचीत की। अधिकारियों ने संबंधित टीआई के खिलाफ कार्रवाई और आर्म्स एक्ट की धाराओं को हटाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद कांग्रेस ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।
टीएस सिंहदेव ने FIR पर उठाए सवाल
टीएस सिंहदेव ने कहा कि यदि आर्म्स एक्ट लगाया गया है तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि हथियार कहां है और क्या कोई हथियार बरामद हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान करने के उद्देश्य से मामला दर्ज किया गया है और केस वापस लिया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने बनाई जांच समिति
मामले की जांच के लिए कांग्रेस ने 7 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में सरगुजा और आसपास के जिलों के कांग्रेस जिलाध्यक्षों समेत कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है।
क्या है पूरा मामला
कांग्रेस के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय शनिवार को कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन के प्रतिष्ठान पहुंचे थे, जहां चुनावी चर्चा के दौरान विवाद हुआ। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता ने सत्ता का दबाव दिखाकर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। बाद में भाजपा जिलाध्यक्ष की शिकायत पर नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नरेंद्र जैन ने कटार दिखाकर धमकी दी थी।


