
रायपुर, 22 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के लिए कड़े निर्देश जारी करते हुए राजनीतिक गतिविधियों और बिना अनुमति बाहरी पदों पर भागीदारी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी इस रिमाइंडर को प्रशासनिक अनुशासन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संदेश
महानदी भवन से जारी निर्देश में सभी विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी शासकीय कार्यालयों को यह स्पष्ट किया गया है कि अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और निष्पक्षता के साथ करें।
सरकार ने दोहराया है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का पालन प्रत्येक कर्मचारी के लिए अनिवार्य है।
राजनीतिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक
निर्देश में साफ कहा गया है कि कोई भी शासकीय सेवक किसी राजनीतिक दल या संगठन का सदस्य नहीं बन सकता। इसके अलावा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
बिना अनुमति बाहरी पदों पर भी रोक
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी कर्मचारी बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के किसी संस्था, समिति या संगठन में कोई पद स्वीकार नहीं कर सकता। यह नियम शासकीय और अशासकीय दोनों प्रकार की संस्थाओं पर लागू होगा।
उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
यदि कोई कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें निलंबन, वेतनवृद्धि रोकना या अन्य कठोर दंड शामिल हो सकते हैं।
‘सेवा में नेतागिरी नहीं चलेगी’
GAD के इस आदेश को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सेवा में रहते हुए किसी भी प्रकार की ‘नेतागिरी’ अब स्वीकार्य नहीं होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
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