छत्तीसगढ़ में तीन सड़क हादसों में चार की मौत, सूरजपुर में महिला की मौत के बाद भड़का आक्रोश

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अंबिकापुर में सड़क पर बंधी रस्सी से युवक की कटी श्वासनली, कोरबा में बुलेट की टक्कर से दो महिलाओं ने तोड़ा दम; सूरजपुर में ग्रामीणों ने क्रशर में लगाई आग, अधिकारियों को बनाया बंधक

छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। सूरजपुर, अंबिकापुर और कोरबा में हुई इन घटनाओं ने सड़क सुरक्षा और लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूरजपुर में ट्रैक्टर की चपेट में आने से महिला की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित लोगों ने कथित अवैध क्रशर में आग लगा दी और मौके पर पहुंचे अधिकारियों को बंधक बना लिया। वहीं, अंबिकापुर में सड़क पर बंधी रस्सी से टकराने के कारण बाइक सवार युवक की जान चली गई, जबकि कोरबा में तेज रफ्तार बुलेट ने जसगीत गाने जा रही महिलाओं को टक्कर मार दी, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई।

सूरजपुर में ट्रैक्टर ने महिला को कुचला, क्रशर में लगाई आग

सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में शनिवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। बिहारपुर चौक से पूजा का सामान लेकर स्कूटी से घर लौट रही महिला को गिट्टी से लदे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। ट्रैक्टर का पहिया महिला के ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया।

महिला की मौत की खबर मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान मामला हिंसक हो गया और ग्रामीणों ने बस्ती में संचालित कथित अवैध क्रशर में आग लगा दी।

घटनास्थल पर पहुंचे एसडीओपी, थाना प्रभारी और तहसीलदार को भी ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। करीब पांच घंटे तक सड़क जाम रहने से आवागमन प्रभावित हुआ। ग्रामीणों की मांग है कि बस्ती में संचालित अवैध क्रशर को हटाया जाए, फरार ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार किया जाए और मृतक महिला के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

अंबिकापुर में सड़क पर बंधी रस्सी बनी मौत की वजह

अंबिकापुर के जयस्तंभ चौक पर शुक्रवार रात जगराता कार्यक्रम के दौरान सड़क पर बांधी गई रस्सी एक युवक की मौत का कारण बन गई। जानकारी के मुताबिक, दुर्गा पंडाल के पास आयोजित जगराते के लिए जयस्तंभ चौक से अग्रसेन चौक के बीच रास्ता बंद करने के उद्देश्य से बांस लगाकर मोटी रस्सी बांधी गई थी। वहां यातायात विभाग की बैरिकेडिंग भी लगाई गई थी।

16 अक्टूबर की रात मायापुर निवासी फैजान आलम अपने साथी समीर के साथ बुलेट से अग्रसेन चौक की ओर से जयस्तंभ चौक पहुंचा। बताया जा रहा है कि सड़क पर बंधी रस्सी दिखाई नहीं देने के कारण बाइक उससे टकरा गई। रस्सी फैजान के गले में फंस गई, जिससे उसकी श्वासनली कट गई। हादसे में फैजान और उसका साथी समीर सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

दोनों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने फैजान को मृत घोषित कर दिया। समीर का उपचार जारी है। घटना का वीडियो भी सामने आया है।

जगराता बंद कराया, आयोजन समिति के खिलाफ एफआईआर

युवक की मौत की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। आक्रोशित परिजनों और लोगों ने जगराता बंद करा दिया तथा आयोजन समिति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाने पहुंचे। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

पुलिस ने आयोजन समिति के सुरेश कन्नौजिया, संदीप अग्रवाल समेत अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 125(ए) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। परिजनों ने आयोजन के दौरान सड़क पर रस्सी बांधने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया है।

कोरबा में जसगीत गाने जा रही महिलाओं को बुलेट ने मारी टक्कर

कोरबा जिले के दर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत गोपालपुर में शुक्रवार रात एक अन्य सड़क हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर की रात करीब आठ बजे गांव की सात से नौ महिलाएं मादर, थाप और ढोल लेकर ठाकुर देवता स्थल पर कीर्तन-भजन और जसगीत गाने जा रही थीं।

इसी दौरान तेज रफ्तार बुलेट पर सवार तीन युवक वहां से गुजरे। बताया जा रहा है कि बाइक अनियंत्रित होकर महिलाओं की टोली से टकरा गई। हादसे में तीन महिलाएं बुलेट की चपेट में आ गईं। इनमें से दो की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

मृतकों की पहचान 53 वर्षीय बिंदा महंत और बरबस महंत के रूप में हुई है। दोनों गोपालपुर की निवासी थीं और आपस में रिश्तेदार बताई जा रही हैं। हादसे में बुलेट चला रहा राहुल नाम का युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। बाइक पर पीछे बैठे दो अन्य युवकों को भी चोटें आई हैं।

गांव में शोक, डांडिया और जसगीत के कार्यक्रम बंद

हादसे के बाद गोपालपुर में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बाइक चालक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद गांव में चल रहे डांडिया और जसगीत के कार्यक्रम बंद कर दिए गए। त्योहार के बीच दो महिलाओं की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज अस्पताल और निजी अस्पताल से सड़क हादसे में दो लोगों की मौत की सूचना मिलने के बाद बयान दर्ज किए गए हैं। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार बुलेट से महिलाओं को टक्कर लगने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सड़क सुरक्षा और आयोजन व्यवस्था पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ में एक के बाद एक हुए इन हादसों ने सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों की समस्या को फिर उजागर किया है। अंबिकापुर में धार्मिक आयोजन के दौरान सड़क पर बांधी गई रस्सी से युवक की मौत और कोरबा में महिलाओं की टोली को बुलेट से टक्कर लगने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, सूरजपुर में महिला की मौत के बाद ग्रामीणों का उग्र विरोध प्रदर्शन क्षेत्र में क्रशर संचालन और सड़क सुरक्षा से जुड़े विवाद को सामने लाया है।

तीनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है। हादसों के कारणों, जिम्मेदार लोगों और सुरक्षा संबंधी लापरवाही की स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट हो सकेगी।

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