हाईकोर्ट में याचिका के बाद 22 दिन में बदला डॉक्टर का ट्रांसफर, सुपेला अस्पताल में मिली नई पदस्थापना

Spread the love

भिलाई। मेडिकल ऑफिसर डॉ. पीएम सिंह के स्थानांतरण मामले में शासन को महज 22 दिन के भीतर अपना आदेश बदलना पड़ा। पहले उन्हें बिलासपुर स्थानांतरित कर रिलीव किया गया था, लेकिन हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद 16 अक्टूबर को शासन ने उनकी पदस्थापना बदलकर लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, सुपेला कर दी। अब डॉ. सिंह सुपेला अस्पताल में नियमित रूप से पदस्थ होंगे।

हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद किया गया रिलीव

डॉ. पीएम सिंह का स्थानांतरण आदेश करीब 15 महीने पुराना था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज दानी ने 24 सितंबर को उन्हें बिलासपुर के लिए रिलीव कर दिया था। हालांकि, डॉ. सिंह इस स्थानांतरण के खिलाफ पहले ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके थे।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य स्थानांतरण समिति को निर्देश दिया था कि वह दो सप्ताह के भीतर डॉ. सिंह का पक्ष सुनकर नियमानुसार नया आदेश जारी करे। साथ ही, तब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के निर्देश भी दिए गए थे।

रिलीविंग आदेश के खिलाफ अवमानना याचिका

न्यायालय के निर्देशों के बावजूद डॉ. सिंह को बिलासपुर के लिए रिलीव कर दिया गया। इसके बाद उनके अधिवक्ता सोमकांत वर्मा ने रिलीविंग आदेश को निरस्त कराने के लिए याचिका दायर की। साथ ही, सीएमएचओ के खिलाफ अवमानना याचिका भी लगाई गई।

मामले में यह बात भी सामने आई कि सीएमएचओ के कानूनी सलाहकार ने न्यायालय के आदेश का अर्थ समझने के लिए गूगल पर जानकारी खोजी थी। इसके बाद रिलीव करने की कार्रवाई को कठोर कार्रवाई की श्रेणी में नहीं मानते हुए आदेश जारी किया गया था।

सुपेला अस्पताल में अब नियमित पदस्थापना

डॉ. सिंह की मूल पदस्थापना पहले भिलाई-3 में सीएमएचओ के अधीन थी, जबकि वे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, सुपेला में संलग्न थे। शासन के नए आदेश के बाद अब उन्हें सुपेला अस्पताल में सिविल सर्जन के अधीन नियमित पदस्थापना मिल गई है।

अधिवक्ता के मुताबिक, सुनवाई के दौरान न्यायालय ने राज्य स्थानांतरण समिति के खिलाफ भी अवमानना याचिका दायर करने की बात कही थी। हालांकि, इससे पहले ही शासन ने डॉ. सिंह का स्थानांतरण आदेश बदल दिया। इस तरह हाईकोर्ट में चल रही कानूनी कार्रवाई के बीच उनकी पदस्थापना को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?