बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम सेमेस्टर के पात्र विद्यार्थी 30 सितंबर तक करा सकेंगे ऑनलाइन पंजीयन
दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में नियमित प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रह गई हैं। इसी को देखते हुए विश्वविद्यालय ने बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम सेमेस्टर के स्वाध्यायी एवं अमहाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पंजीयन पोर्टल दोबारा खोल दिया है। पात्र विद्यार्थी अब 30 सितंबर तक ऑनलाइन पंजीयन करा सकेंगे।
इससे पहले स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए 6 से 31 अगस्त तक पंजीयन का अवसर दिया गया था। विश्वविद्यालय के अनुसार सत्र 2026-27 में बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम सेमेस्टर के स्वाध्यायी विद्यार्थियों को सेमेस्टर प्रणाली के तहत परीक्षा में शामिल होना होगा। इसके लिए ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य किया गया है।
152 कॉलेजों में 34,782 सीटें रह गईं खाली
विश्वविद्यालय से संबद्ध 152 कॉलेजों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर के लिए कुल 58,857 सीटें उपलब्ध थीं। इन सीटों के लिए एक लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन नियमित प्रवेश केवल 24,075 विद्यार्थियों ने लिया। इस तरह 34,782 सीटें रिक्त रह गईं। उपलब्ध सीटों में करीब 42 प्रतिशत पर ही नियमित प्रवेश हो सका, जबकि लगभग 58 प्रतिशत सीटें खाली रह गईं।
उच्च शिक्षा विभाग ने नियमित प्रवेश की अंतिम तिथि भी बढ़ाई थी। पहले 31 अगस्त तक प्रवेश की समय-सीमा निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 19 सितंबर किया गया था। अब स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए पंजीयन की अवधि बढ़ाए जाने से ऐसे विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जो नियमित कॉलेज प्रवेश नहीं ले सके हैं।
बीएससी की 76 फीसदी सीटें रिक्त
सबसे अधिक रिक्त सीटें बीएससी में हैं। बीएससी की कुल 18,110 सीटों में से सिर्फ 4,323 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया, जबकि 13,787 सीटें खाली रह गईं। यानी करीब 76 प्रतिशत सीटों पर नियमित प्रवेश नहीं हो सका।
बीए की 17,070 सीटों में 7,606 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया और 9,464 सीटें रिक्त रहीं। वहीं बीकॉम की 12,614 सीटों में 3,948 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया, जबकि 8,666 सीटें खाली रह गईं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बीए में सबसे अधिक विद्यार्थियों ने नियमित प्रवेश लिया है।
ईएसआईसी अस्पताल का सर्वर ठप, पंजीयन नहीं होने से मरीज बिना इलाज लौटे
जुनवानी स्थित अस्पताल में ओपीडी पंजीयन के दौरान धनवंतरी सर्वर के बार-बार हैंग होने की शिकायत
भिलाई। जुनवानी स्थित ईएसआईसी अस्पताल में सर्वर की तकनीकी समस्या के कारण कर्मचारियों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में ओपीडी पंजीयन के लिए इस्तेमाल होने वाला धनवंतरी सर्वर बीच-बीच में हैंग हो जाने से मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों के अनुसार ईएसआई अस्पताल में बेहतर और समय पर इलाज की उम्मीद से पहुंचने वाले मरीजों को सबसे पहले पंजीयन कराना पड़ता है। सर्वर में खराबी आने पर पंजीयन प्रक्रिया रुक जाती है और ओपीडी स्लिप जारी नहीं हो पाती। स्लिप के बिना डॉक्टर से जांच और प्रिस्क्रिप्शन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती।
घंटों कतार में खड़े रहते हैं कर्मचारी
ओपीडी के समय सर्वर के बार-बार बंद होने या हैंग होने की स्थिति में पंजीयन काउंटर पर लंबी कतार लग जाती है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी पंजीयन नहीं हो पाता। ऐसे में मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ता है या फिर अगले दिन दोबारा अस्पताल पहुंचकर कतार में लगना पड़ता है।
कर्मचारियों ने अस्पताल की पंजीयन व्यवस्था में आ रही तकनीकी समस्या का जल्द समाधान किए जाने की जरूरत बताई है, ताकि ओपीडी में आने वाले मरीजों को समय पर पंजीयन और उपचार मिल सके।



