
दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के भूगर्भशास्त्र के प्राध्यापक डॉ. प्रशांत कुमार श्रीवास्तव द्वारा स्नातक स्तर के विद्यार्थियों हेतु लिखित पुस्तक पर्यावरण अध्ययन का चयन भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत उच्चशिक्षा विभाग द्वारा स्थापित भारतीय भाषा संस्थान मैसूर द्वारा संचालित भारत वाणी परियोजना के अंतर्गत चयन हुआ है। इस परियोजना के अंतर्गत पूरे भारत वर्ष के प्राध्यापकों, लेखकों एवं वैज्ञानिको द्वारा हिन्दी भाषा में विषय आधारित पुस्तकों को विद्यार्थियों एवं आम जन मानस को पठन-पाठन हेतु उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार द्वारा यह पोर्टल तैयार किया गया है। भारतवाणी परियोजना के अंतर्गत विषय आधारित पुस्तकें भारतीय भाषाओं में पीडीएफ फार्मेट में उपलब्ध है।
डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव के अनुसार उनके द्वारा रचित तथा सिंघई पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित पर्यावरण अध्ययन पुस्तक में पर्यावरण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं जैसे पर्यावरण प्रदूषण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पारिस्थितिक तंत्र, प्रदूषण निवारण की विधियां, जलवायु परिवर्तन एवं ग्लोबल वार्मिंग आदि को शामिल किया गया है। डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार पुस्तक का लेखन कार्य शासकीय मॉडल साईस कालेज, रीवा म.प्र. की सेवा निवृत्त प्राध्यापक डॉ. प्रवीण सिंह तथा शासकीय राधा बाई नवीन कन्या महाविद्यालय, रायपुर की वनस्पति शास्त्र की सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रीति श्रीवास्तव ने मिलकर किया है।
भूगर्भशास्त्र के क्षेत्र में डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ के ऐसे पहले प्राध्यापक है. जिनकी पुस्तक को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित केन्द्रीय भाषा संस्थान, मैसूर की परियोजना भारत वाणी में शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है, कि डॉ. श्रीवास्तव ने पर्यावरण अध्ययन के अलावा पर्यावरण पर केन्द्रित एक और पुस्तक परिवेश का भी लेखन कार्य किया है। डॉ. श्रीवास्तव के लगभग 50 से ज्यादा शोध पत्र विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित है। डॉ. श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ प्रदेश के पहले फुलब्राईट स्कॉलर भी है। उनका चयन, कॉमन वेल्थ, अकादमिक स्टॉफ फेलोशिप तथा यूजीसी की पोस्ट डॉक्टेरेट फेलोशिप हेतु हो चुका है। डॉ. श्रीवास्तव की इस उपलब्धि पर पूरे महाविद्यालय परिवार ने बधाई दी।

