जशपुर। जशपुर जिले के ग्राम कटंगजोर के निवासी एवं शासकीय महाविद्यालय रामचन्द्रपुर में सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) के पद पर कार्यरत डॉ. गुलशन केरकेट्टा को श्री अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय, बिलासपुर द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है।
चाय उत्पादन की संभावनाओं पर किया शोध
डॉ. गुलशन केरकेट्टा ने “जशपुर जिले की चाय उत्पादन की वर्तमान स्थिति एवं भावी संभावनाओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन” विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया। यह शोध कार्य उन्होंने पी.एन.एस. महाविद्यालय, बिलासपुर के प्राचार्य एवं शोध निर्देशक डॉ. एस.के. शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न किया।
साधारण परिवार से निकलकर हासिल की बड़ी उपलब्धि
डॉ. गुलशन केरकेट्टा के पिता श्री निकोदिम केरकेट्टा एक कृषक हैं। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
शिक्षण के साथ शोध कार्य में भी उत्कृष्ट योगदान
वर्तमान में डॉ. गुलशन केरकेट्टा शासकीय महाविद्यालय रामचन्द्रपुर, जिला बलरामपुर में सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उनका योगदान लगातार सराहनीय रहा है।
सफलता का श्रेय गुरुजनों और शुभचिंतकों को दिया
पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने पर डॉ. गुलशन केरकेट्टा ने अपने माता-पिता, शोध निर्देशक डॉ. एस.के. शर्मा तथा सभी शुभचिंतकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. एस.के. कश्यप, डॉ. भूपेंद्र साहू एवं स्टाफ, डॉ. सरिता भगत, राकेश कुमार एक्का, रोहित बड़ाइक, संजीव एक्का, श्यामनारायण राजपूत, श्रीमती संगीता भगत (रोपणी), अजय भगत, रोशलीन कुजूर, आलम केरकेट्टा, रोशन केरकेट्टा, रेणुका, अनमोल केरकेट्टा, आकाश खलखो, सिलास मिंज, अशोक तिर्की, विवेक रंजन तिर्की एवं जयेश लकड़ा सहित समस्त परिवारजनों और शुभचिंतकों का आभार जताया।
जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने दी बधाई
डॉ. गुलशन केरकेट्टा की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। क्षेत्रवासियों ने इसे जशपुर जिले के लिए गर्व का विषय बताया है।



