छत्तीसगढ़ में 500 से अधिक तहसीलदारों की हड़ताल, राजस्व कामकाज ठप; भाजपा विधायक की गिरफ्तारी की मांग तेज

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रायपुर/सरगुजा, 3 जून 2026। छत्तीसगढ़ में नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के मामले को लेकर प्रदेशभर के 500 से अधिक तहसीलदार और नायब तहसीलदार बुधवार को हड़ताल पर चले गए। अधिकारियों ने सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजधानी रायपुर सहित विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण प्रदेश की अधिकांश तहसीलों में राजस्व कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे और आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े।

क्या है पूरा विवाद?

विवाद सरगुजा जिले में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक और विधायक रामकुमार टोप्पो के बीच हुए कथित विवाद से जुड़ा है। विधायक का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने उनकी चचेरी बहन के साथ अभद्र व्यवहार किया था। वहीं नायब तहसीलदार का कहना है कि इसी आरोप को लेकर विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की।

दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने काउंटर एफआईआर दर्ज की है। हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होने से प्रशासनिक अधिकारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

तहसीलों में कामकाज प्रभावित

हड़ताल के चलते रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, मनेंद्रगढ़, सरगुजा समेत कई जिलों में राजस्व प्रकरणों की सुनवाई बंद रही। नामांतरण, सीमांकन, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से जुड़े कार्य प्रभावित हुए। तहसील न्यायालयों में लंबित मामलों की पेशियां आगे बढ़ाई जा रही हैं।

सरगुजा में पिछले छह दिनों से राजस्व कार्य प्रभावित हैं। आंदोलन को राजस्व निरीक्षक संघ और पटवारी संघ का भी समर्थन मिला है, जिससे कई क्षेत्रों में राजस्व व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।

जनता को उठानी पड़ रही परेशानी

बिलासपुर और अन्य जिलों में बड़ी संख्या में लोग अपने काम के लिए तहसील कार्यालय पहुंचे, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।

एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह पिछले एक महीने से अपने काम के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन हड़ताल के कारण फिर वापस लौटना पड़ा। वहीं कई ग्रामीणों ने कहा कि जमीन और सीमांकन से जुड़े मामले लगातार लंबित होते जा रहे हैं।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप

देवेंद्र यादव ने राज्य सरकार पर भाजपा विधायक को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों राजस्व प्रकरण लंबित हो रहे हैं और आम जनता परेशान हो रही है, लेकिन सरकार मामले में कार्रवाई करने से बच रही है।

सरगुजा कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने भी कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।

भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि मामले की जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील भी की।

वहीं विधायक समर्थकों ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करते हुए उनके निलंबन और संपत्तियों की जांच की मांग उठाई है।

नार्को टेस्ट की मांग

नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए अपना और विधायक रामकुमार टोप्पो का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। दूसरी ओर विधायक ने भी सभी प्रकार की जांच में सहयोग करने की बात कही है।

बातचीत बेनतीजा

कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे ने बताया कि मंत्री और राजस्व सचिव के साथ हुई चर्चा में कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रहेगा।

राजस्व अधिकारियों की हड़ताल अब प्रशासन और सरकार दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। एक ओर अधिकारी सुरक्षा और सम्मान की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता को आवश्यक राजस्व सेवाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मामले में जल्द समाधान नहीं निकला तो लंबित प्रकरणों की संख्या और बढ़ सकती है।

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