
दुर्ग। भूगर्भशास्त्र विभाग शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के भूगर्भशास्त्र विषय के स्नातक स्तर के बी. एरस्सी षष्टम सेमेस्टर के लगभग 50 से अधिक विद्यार्थियों ने साईस कालेज, दुर्ग के सामने स्थित नगर निगम, दुर्ग को 42 एमएलडी जल शोधन संयंत्र का शैक्षणिक भ्रमण कर शिवनाथ नदी के जल का शोधन कर दुर्ग के विभिन्न वार्डों में जल प्रदाय प्रणाली का अवलोकन किया। यह जानकारी देते हुए भूगर्भशास्त्र के प्राध्यापक डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यार्थियों को वहां उपस्थित अधिकारियों ने जानकारी दी कि शिवनाथ नदी के पानी को जल शोधन संयंत्र तक लाने हेतु 100 एचपी क्षमता वाले 6 पंप शिवनाथ नदी के तट पर स्थापित किए गए है। वहां से जो जल यहां आता है, उसकी पीएच का मान तथा गाढ़ापन तथा उसमें घुले हुए ठोस मिट्टी के कणों को कम्प्यूटर सॉप्टवेयर के जरिये पता लगाया जाता है और उसमें उपस्थित खुले हुए ठोस कणों की मात्रा के आधार पर इस जल में फिटकरी, ब्लीचिंग पाउडर तथा क्लोरिन गैस मिलाकर इस जल को शुध्द पेयजल के रूप में परिवर्तित किया जाता है।
महाविद्यालय के प्रावार्य डॉ. अजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा भूगर्भशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एस.डी. देशमुख के नेतृत्व में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों ने उपस्थित अधिकारियों से अनेक प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासा का समाधान किया। डॉ. देशमुख ने बताया कि इस आयोजन में नगर निगम के सहायक अभियंता श्री मांझी का विशेष योगदान रहा। डी. देशमुख के अनुसार विद्यार्थियों को नदी से आने वाले जल तथा उसके पश्चात् उसके शोधन के विभिन्न घरणों का गहराई से विश्लेषण समझाया गया और जल शोधन संयंत्र के सभी हिस्सों का भ्रमण भी कराया गया। संयंत्र में बैंक वाशिग देखते हुए विद्यार्थी रोमांचित हो उठे। भ्रमण के अंत में धन्यवाद ज्ञापन बी. एससी षष्टम की छात्रा कु. अर्पणा बाजपेयी ने किया।
