गर्लफ्रेंड के नाम की सिम से बना ‘फर्जी EOW अफसर’, 9.5 लाख की ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

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रायपुर में एक रिटायर्ड अधिकारी से 9.5 लाख रुपये की ठगी के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी ने अपनी गर्लफ्रेंड के नाम पर ली गई सिम का इस्तेमाल कर खुद को EOW अधिकारी बताया और ब्लैकमेल कर रकम ऐंठ ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

रायपुर 23 मार्च 2026। राजधानी रायपुर में सामने आए ठगी और ब्लैकमेलिंग के एक मामले में “गर्लफ्रेंड कनेक्शन” ने सभी को चौंका दिया है। आरोपी धर्मेंद्र चौहान ने अपनी महिला मित्र (गर्लफ्रेंड) के नाम पर लिए गए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर खुद को EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) का अधिकारी बताकर एक रिटायर्ड PWD अधिकारी से 9.5 लाख रुपये ठग लिए।यह पूरा मामला थाना राखी क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भा.न्या.सं. की विभिन्न धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ऐसे रचा गया ‘गर्लफ्रेंड सिम’ वाला खेल

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया। उसने अपनी गर्लफ्रेंड के नाम पर एक सिम कार्ड लिया और उसी नंबर से व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए खुद को EOW अधिकारी बताने लगा।पीड़ित को पहले अज्ञात नंबरों से कॉल कर यह कहा गया कि उसके खिलाफ ACB/EOW में शिकायत दर्ज है। घबराए पीड़ित ने यह बात अपने पुराने परिचित धर्मेंद्र चौहान को बताई, जिसे वह भरोसेमंद मानता था।यहीं से आरोपी ने चाल चली। उसने पीड़ित को उन नंबरों को ब्लॉक करने को कहा और खुद मामले की जानकारी निकालने का भरोसा दिया।

फर्जी अधिकारी बनाकर किया ब्लैकमेल

इसके बाद आरोपी ने अपनी गर्लफ्रेंड के नाम वाले नंबर से पीड़ित को मैसेज और कॉल कर खुद को EOW का अधिकारी बताया। उसने पीड़ित को एक कथित शिकायत की कॉपी भेजी और कार्रवाई का डर दिखाकर मानसिक दबाव बनाया।फिर आरोपी ने खुद ही “समाधानकर्ता” बनकर एंट्री ली और कहा कि वह अपने संपर्कों से मामला खत्म करा सकता है।

10 लाख की डिमांड, 9.5 लाख वसूले

इस पूरे ड्रामे के बाद आरोपी ने पीड़ित से 10 लाख रुपये की मांग की। डर और बदनामी के भय में फंसे पीड़ित ने आरोपी को 9 लाख 50 हजार रुपये दे दिए।पुलिस के अनुसार, आरोपी धर्मेंद्र चौहान जगदलपुर में टेंट का व्यवसाय करता है और पहले से ही पीड़ित के संपर्क में था। उसे पीड़ित की निजी और पेशेवर जानकारी थी, जिसका उसने फायदा उठाया।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से वह मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिससे वह फर्जी कॉल और मैसेज कर रहा था।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी के नाम पर सिम लेकर उसे उपयोग के लिए न दें, खासकर निजी संबंधों में भी सावधानी बरतें।

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