कवर्धा |
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव मंदिर परिसर में प्रस्तावित भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्यों की मैराथन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों से अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग गुणवत्ता और समयसीमा के आधार पर की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति गठित की गई है, जो प्रत्येक सोमवार को कार्यस्थल का निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। ठेकेदारों को 15-15 दिनों की कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करने और एक वर्ष के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया है।
समीक्षा के दौरान मंदिर परिसर के उन्नयन, सरोवर के सौंदर्यीकरण, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा, सरोदा क्षेत्र और पार्किंग व्यवस्था में चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मुख्य मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने हेतु पेड़ों के आसपास चबूतरे बनाए जाएं और प्रवेश द्वारों व खंभों में पारंपरिक फनी नागवंशी स्थापत्य शैली की झलक दिखाई दे। लकड़ी के दरवाजों में आकर्षक नक्काशी और सभी द्वारों को भव्य रूप देने के निर्देश भी दिए गए।
सरोवर क्षेत्र में पिचिंग और लाइनिंग का कार्य उच्च तकनीकी गुणवत्ता के साथ करने, तट पर सीढ़ियां एवं शेड निर्माण, तथा आकर्षक स्ट्रीट लाइट पोल लगाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही विश्राम स्थलों में पर्याप्त रोशनी और वेंटिलेशन सुनिश्चित करने तथा परिसर में स्थानीय लोक संस्कृति आधारित कलाकृतियों को शामिल करने के निर्देश दिए गए।
पार्किंग स्थल को सुव्यवस्थित और सुदृढ़ बनाने, दुकानों के निर्माण को व्यवस्थित रखने, तथा पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। मड़वा महल, छेरकी महल और रामचुवा में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए, वहीं सरोदा डैम क्षेत्र में कैफेटेरिया, सीढ़ियों और व्यू प्वाइंट निर्माण की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
उप मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण की उप मुख्यमंत्री ने की मैराथन समीक्षा, एक साल में पूरा करने का निर्देश


