
रायपुर/दुर्ग।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता विनायक ताम्रकर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फार्महाउस में करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने मौके से लगभग 14 लाख 30 हजार अफीम के पौधे जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक मामला 6 मार्च 2026 को सामने आया, जब गांव के कुछ बच्चों को खेत में अजीब तरह के पौधे दिखाई दिए। बच्चों ने मोबाइल पर गूगल सर्च किया तो पता चला कि यह अफीम का पौधा है। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और मामले की जानकारी प्रशासन तक पहुंची।
गांव में नेता की दहशत का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में विनायक ताम्रकर का काफी दबदबा था। लोगों का कहना है कि उनके फार्महाउस के चारों ओर गेट लगाए गए थे, जिससे आम ग्रामीणों का अंदर जाना लगभग असंभव था। इसी कारण लंबे समय तक अफीम की खेती का किसी को पता नहीं चल पाया।
गांव की महिलाओं का आरोप है कि ताम्रकर का इतना खौफ था कि गांव में किसी की मौत होने पर अंतिम संस्कार के लिए शव को श्मशान ले जाने से पहले भी उनसे अनुमति लेनी पड़ती थी। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि गांव के पुराने कुएं, तालाब और वहां तक जाने वाली सड़क पर भी उनका कब्जा था।
लीज पर ली गई जमीन पर हो रही थी खेती
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी विकास विश्नोई ने बताया कि जिस जमीन पर अफीम के पौधे मिले हैं, वह जमीन राजस्थान के जोधपुर निवासी आचल दास ने लीज पर ली थी। पुलिस के अनुसार विकास विश्नोई पिछले चार साल से समोदा गांव में रहकर खेती कर रहा था। फिलहाल पुलिस आचल दास समेत अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री भी पहुंचे मौके पर
मामले के खुलासे के बाद भूपेश बघेल भी अफीम की खेती वाली जगह का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई।
पुलिस ने 8 मार्च को खेत में लगे अफीम के पौधों को नष्ट कर दिया और मामले में आगे की जांच जारी है।

