
हर माह की 7 तारीख को दुर्ग जिले की 300 पंचायतों में रोजगार, चावल और आवास दिवस का आयोजन
दुर्ग / कलेक्टर अभिजीत सिंह एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह की 7 तारीख को रोजगार दिवस, चावल महोत्सव और आवास दिवस का संयुक्त आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में 7 फरवरी को जिले की सभी ग्राम पंचायतों तथा मनरेगा कार्यस्थलों पर रोजगार दिवस का आयोजन किया जाएगा।इस अवसर पर ग्रामीणों और श्रमिकों को “विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025” के प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करना और उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना है।
आवास दिवस के आयोजन का प्रमुख उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराना, हितग्राहियों में जनजागरूकता बढ़ाना तथा निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं का समाधान करना है। जनपद स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में इस आयोजन को अनिवार्य रूप से संपन्न कराया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर पक्का मकान उपलब्ध हो सके।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों को आवास निर्माण शीघ्र पूरा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
साथ ही जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीण हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर श्रमिक और ग्रामीण विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।इसके साथ ही ग्रामीणों को आजीविका डबरी निर्माण, जल संरक्षण कार्यों तथा अन्य विकास योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस नवाचारी पहल के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार और आवास से संबंधित सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि इस संयुक्त आयोजन का उद्देश्य ग्रामीणों को विकसित भारत-जी राम जी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की विस्तृत जानकारी देना, योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों तक पहुंचाना और उनसे संबंधित समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है।आवास दिवस के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर पात्र हितग्राहियों की सूची का वाचन किया जाएगा, नए स्वीकृत आवासों के प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे तथा आवास निर्माण से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का समाधान किया जाएगा। हितग्राहियों को समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।इसके अलावा ई-केवाईसी, लंबित किस्तों के भुगतान और 90 दिवस की अकुशल मजदूरी राशि से जुड़े मामलों का मौके पर ही निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
आवास निर्माण में सामग्री की कमी न हो, इसके लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मटेरियल बैंक की स्थापना भी की जाएगी।इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आवास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
