
दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़)। जिले में सर्वे कार्य पर गए शिक्षकों की टीम के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। दंतेवाड़ा में पदस्थ सहायक भू-लेख अधिकारी गोवर्धन साहू पर शिक्षकों से गाली-गलौज करने का आरोप लगा है। शिक्षक संघ ने इस संबंध में कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत के आधार पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
यह है पूरा मामला
दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर संभाग से रोजगार एवं अन्य कारणों से बाहर प्रांतों में बसे लोगों का सर्वे कराया जा रहा है। इसी क्रम में दंतेवाड़ा जिले से 12 दलों में कुल 38 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इन दलों को सर्वे कार्य के लिए तेलंगाना जाना था।
जानकारी के अनुसार, शासन की ओर से प्रत्येक वाहन को ईंधन और भोजन व्यय के लिए 12 हजार रुपये स्वीकृत थे, लेकिन दंतेवाड़ा से रवाना होते समय टीमों को राशि उपलब्ध नहीं कराई गई। बाद में भी केवल 5 हजार रुपये ही दिए गए।
बताया जा रहा है कि कोंटा में दंतेवाड़ा से पहुंचे दल के लिए रात्रि विश्राम और भोजन की व्यवस्था की गई थी। भोजन में देशी चिकन बनाने की बात कही गई थी, लेकिन शिक्षकों का आरोप है कि देशी चिकन की जगह ब्रॉयलर चिकन और पतली दाल परोसी गई तथा व्यवस्थाएं भी अव्यवस्थित रहीं। इस पर शिक्षकों ने आपत्ति जताई
आरोप है कि विरोध दर्ज कराने पर सहायक भू-लेख अधिकारी ने एक शिक्षक के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की। शिक्षकों ने घटना का वीडियो भी बना लिया, जिसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
शिक्षकों ने की हटाने की मांग
घटना से आहत शिक्षकों ने संबंधित अधिकारी के विरुद्ध वैधानिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि अधिकारी को नहीं हटाया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
अधिकारी की सफाई
सहायक भू-लेख अधिकारी गोवर्धन साहू ने आरोपों को लेकर सफाई देते हुए कहा कि कुछ सदस्यों द्वारा शराब के सेवन के बाद देशी चिकन और शराब की मांग की जा रही थी, जिसे शासकीय राशि से पूरा नहीं किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि यदि उनसे किसी प्रकार की अशोभनीय भाषा का प्रयोग हुआ है तो वह भावावेश में हुआ होगा।
फिलहाल, कलेक्टर द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।



