
रिश्वत कांड में सख्त कार्रवाई: बचरापोड़ी चौकी प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मी निलंबित
कोरिया/एमसीबी 26 फरवरी 2026। घूस लेते गिरफ्तार हुए सब इंस्पेक्टर और सहायक सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। दो पुलिसकर्मी को पिछले दिनों एसीबी ने घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। कोरिया के में फंसे बचरापोड़ी पुलिस चौकी के दो पुलिसकर्मियों पर पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कोरिया जिले के पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन चौकी प्रभारी एसआई अब्दुल मुनाफ और एएसआई गुरु प्रसाद यादव को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के विरुद्ध विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।
मामला 24 फरवरी 2026 का है, जब राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण/एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने दोनों आरोपियों को 25 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के मुताबिक, एमसीबी जिले के बचरापोड़ी तहसील क्षेत्र के ग्राम कदमबहरा निवासी मोहित कुमार घसिया गांव में ईंट निर्माण का कार्य कर रहा था। बताया जा रहा है कि गांव के ही सतेंद्र प्रजापति के घर निर्माण हेतु ईंट बनाने के लिए मिट्टी निकाली जा रही थी। मिट्टी निकालने से बने गड्ढे में पानी भर गया था।दुर्भाग्यवश, इसी गड्ढे में डूबने से मोहित कुमार घसिया के मासूम पुत्र की मौत हो गई। प्रारंभिक रूप से यह घटना एक हादसा प्रतीत हो रही थी। लेकिन आरोप है कि इस घटना को लेकर पुलिस स्तर पर दबाव बनाया गया।
हत्या का प्रकरण बनाने की धमकी
शिकायतकर्ता के अनुसार, बचरापोड़ी पुलिस चौकी प्रभारी एसआई अब्दुल मुनाफ ने हादसे को हत्या का मामला बनाने की बात कही। आरोप है कि उन्होंने जमीन मालिक सतेंद्र प्रजापति को हत्या के प्रकरण में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी।यहीं से रिश्वतखोरी का आरोप सामने आया। बताया गया कि मामले को “सेटल” करने के नाम पर 50 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की गई। पीड़ित पक्ष ने इसे गंभीरता से लेते हुए एसीबी से संपर्क किया और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।
एसीबी की ट्रैप कार्रवाई
शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने रणनीति बनाई। योजना के तहत रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 25 हजार रुपए देने की बात तय हुई। जैसे ही आरोपी एसआई अब्दुल मुनाफ और उनके सहयोगी एएसआई गुरु प्रसाद यादव ने राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।घटना की जानकारी मिलते ही कोरिया जिले के पुलिस अधीक्षक ने त्वरित संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच एवं एसीबी कार्रवाई के आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

