
दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक का घोटवानी गांव इन दिनों अचानक सुर्खियों में है। लगातार अजगरों के दिखने ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। सिर्फ 3 दिसंबर को ही गांव में दो बड़े अजगर पकड़े गए। इसके साथ ही इस गांव में अब तक कुल 8 अजगर मिलने की पुष्टि हो चुकी है।
पहली बार खेत में दिखा दैत्याकार अजगर
सुबह के वक्त किसान राजकुमार वर्मा के खेत में काम कर रहे मजदूरों ने मेड़ पर एक भारी-भरकम अजगर को कुंडली मारे देखा। अचानक सांप दिखते ही खेत में काम कर रहे लोग दहशत में आ गए। तुरंत 112 और वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। रेस्क्यू टीम ने कुछ मशक्कत के बाद अजगर को नियंत्रित कर जंगल की ओर ले जाया।
रेस्क्यू टीम रास्ते में थी, तभी मिला दूसरा अजगर
वन विभाग की टीम पहला अजगर लेकर गांव से बाहर जा ही रही थी कि तभी सूचना आई—गांव के बुधारू साहू के खलिहान में एक और अजगर दिखाई दिया है। इस बार गांव के युवक वेदराज संतु वर्मा ने फुर्ती दिखाते हुए सांप को सुरक्षित पकड़ा और वन विभाग को सौंप दिया। दो घंटे के भीतर दो अजगर पकड़े जाने से गांव में चर्चा का माहौल बन गया।
गांव क्यों बना अजगरों का ठिकाना?
ग्रामीणों का मानना है कि हाल ही में आई बाढ़ से जंगल के निचले हिस्सों में रहने वाले सांप बहकर आबादी की तरफ पहुंच गए। पानी उतरने के बाद ये ऊंचे, सूखे और सुरक्षित स्थानों की तलाश में खेतों और खलिहानों में छिप रहे हैं।
डर में जी रहे ग्रामीण, बच्चों पर खास नजर
लगातार सांप दिखने के बाद गांव में डर का माहौल बन गया है।
ग्रामीण रात के बाद खेतों में निकलने से बच रहे हैं।
बच्चों को भी घर से दूर खेलने नहीं भेजा जा रहा।
पशुपालकों में भी सतर्कता बढ़ गई है, क्योंकि अजगर छोटे जानवरों को निशाना बनाते हैं।
वन विभाग की अपील – दूरी बनाए रखें, घबराएं नहीं
वन विभाग के ओयंबक साहू ने बताया कि अजगर जहरीले नहीं होते, लेकिन आकार की वजह से खतरनाक जरूर साबित हो सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि सांप दिखने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें। तुरंत 112 या वन विभाग को सूचना दें, ताकि सुरक्षित रेस्क्यू हो सके।
घोटवानी गांव में लगातार बढ़ रही सर्प गतिविधि ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें इस पर हैं कि आने वाले दिनों में यह सिलसिला थमता है या और अजगर सामने आते हैं।



