
नेवई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, महिला सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। थाना नेवई पुलिस ने घर में चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए कामवाली महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवर, नगदी, मोबाइल, वाहन एवं गिरवी रखे गए आभूषणों के दस्तावेज सहित लगभग 12 लाख 22 हजार रुपए का मशरूका जब्त किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी दुर्गा प्रसाद नागपुरे निवासी आशीष नगर पश्चिम रिसाली भिलाई ने 26 मई 2026 को थाना नेवई में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर की आलमारी में रखे सोने के गहने चोरी हो गए हैं। चोरी हुए सामान में सोने का हार, मांगटीका, नथिनी, कड़े, मंगलसूत्र और कान के टॉप्स सहित कुल 14.5 ग्राम सोने के आभूषण शामिल थे।
रिपोर्ट पर थाना नेवई में अपराध क्रमांक 337/2026 धारा 305(A), 331 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस को घर में काम करने वाली महिला मालती ध्रुव पर संदेह हुआ। पूछताछ में मालती ध्रुव, उसके पति देवीलाल ध्रुव और जीजा हेमलाल मंडावी ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली।
आरोपी मालती ध्रुव ने पुलिस को बताया कि उसने 19 अप्रैल 2026 को घर में काम करने के दौरान आलमारी में रखे गहनों की चोरी की थी। चोरी के बाद पति देवीलाल और जीजा हेमलाल की मदद से कुछ जेवर मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखकर लोन लिया गया था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 4 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर, 10 हजार रुपए नगद, मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखे जेवरों की स्लिप, घटना में प्रयुक्त एक्टिवा वाहन, तीन मोबाइल फोन सहित कुल लगभग 12 लाख 22 हजार रुपए का मशरूका जब्त किया है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 28 मई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपी
- मालती ध्रुव, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम तरसींवा, थाना अर्जुनी, जिला धमतरी
- देवीलाल ध्रुव, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम तरसींवा, थाना अर्जुनी, जिला धमतरी, हाल पता ग्राम कातरों थाना उतई जिला दुर्ग
- हेमलाल मंडावी, उम्र 47 वर्ष, निवासी घोरदा, पोस्ट अर्जुनी, थाना लालबाग, जिला राजनांदगांव
सराहनीय भूमिका
पूरे मामले की कार्रवाई में थाना नेवई से निरीक्षक अनिल कुमार साहू, उप निरीक्षक सुरेन्द्र तारम, आरक्षक रवि बिसाई, प्यारे लाल, विजय कुर्रे, महिला आरक्षक कीर्ति साहू तथा एसीसीयू से एएसआई भारत यादव, प्रेम सिंह एवं आरक्षक रोहन दुबे का विशेष योगदान रहा।
