
बीजापुर, ।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पालनार क्षेत्र में एक वरिष्ठ शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मृतक शिक्षक राजू पुजारी (42 वर्ष) के पास से मिले सुसाइड नोट में तीन व्यक्तियों के नाम सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है। घटना ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।
सुसाइड नोट में मानसिक प्रताड़ना का जिक्र
पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जांच के दौरान मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उन्होंने देवाशीष मंडल (ठेकेदार), शैलेष वासम और डोंगरे सर को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। नोट में यह भी लिखा गया कि उनके परिवार की जिम्मेदारी उक्त लोगों को उठानी चाहिए।
निर्माण कार्य में दबाव और तनाव की बात
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शिक्षक राजू पुजारी स्कूल भवन निर्माण कार्य को लेकर लंबे समय से तनाव में थे। पालनार क्षेत्र में लगभग 20 लाख 30 हजार रुपये की लागत से स्कूल भवन का निर्माण कार्य स्वीकृत था, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे थे। आरोप है कि अधूरे और निम्न गुणवत्ता वाले निर्माण के बावजूद भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
विधायक विक्रम मंडावी ने उठाए सवाल
स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेसवार्ता में इस घटना को केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि दबाव और भ्रष्टाचार का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार निर्माण कार्य शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से होना था, लेकिन इसमें ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है और कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में भुगतान कराया जा रहा था।
उच्च स्तरीय जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी
विधायक मंडावी ने मामले में बड़े अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका जताते हुए निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चार दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
जांच जारी, क्षेत्र में आक्रोश
घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुसाइड नोट में नामित व्यक्तियों से पूछताछ की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

