
मांग पूरी नहीं होने पर जिलेभर में आंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी, 14 अक्टूबर को पद्मनाभपुर के हॉकी ग्राउंड में हुआ था विवाद
दुर्ग-भिलाई। दुर्ग में गरबा आयोजन को लेकर हुए विवाद का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बुधवार को महाराजा चौक पर प्रदर्शन किया और एसएसपी विजय अग्रवाल का पुतला दहन किया। संगठन ने 14 अक्टूबर की रात पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के हॉकी ग्राउंड में हुए विवाद के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने और अपनी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि घटना के मामले में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को जिलेभर में फैलाया जाएगा।
एफआईआर नहीं हुई तो गांवों और प्रखंडों तक होगा आंदोलन
बजरंग दल के राकेश तिवारी ने कहा कि संगठन गरबा विवाद के मामले में निष्पक्ष जांच और दोनों पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग कर रहा है। उनका आरोप है कि पुलिस ने अब तक संगठन की शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की है।
तिवारी ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर जिले के गांवों और प्रखंडों में पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद पटेल चौक पर चक्काजाम और एसएसपी के बंगले के सामने प्रदर्शन करने की बात भी कही गई। संगठन ने जरूरत पड़ने पर जिले के बाहर भी आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
पांच पुतले लेकर पहुंचे थे कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता पांच पुतले लेकर महाराजा चौक पहुंचे थे। इनमें से एक पुतले को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। कार्यकर्ताओं ने एक सांकेतिक पुतले को माला पहनाई और तिलक लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हिंदू समाज की आस्था और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए।
गरबा आयोजन को लेकर पहले भी जताई थी आपत्ति
राकेश तिवारी के मुताबिक, संगठन ने गरबा कार्यक्रम को लेकर पहले ही आयोजक धीरज बाकलीवाल के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों को बुलाए जाने की जानकारी मिलने पर संगठन ने विरोध जताया था। तिवारी के अनुसार, कार्यक्रम शुरू होने से करीब 40 मिनट पहले पुलिस को फोन कर स्थिति की जानकारी भी दी गई थी।
उन्होंने गरबा कार्यक्रम में फिल्मी और कथित अश्लील गाने बजाए जाने पर भी आपत्ति जताई। संगठन का कहना है कि वह महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध कर रहा है। हालांकि, ये आरोप संगठन के पदाधिकारियों की ओर से लगाए गए हैं।
चोरी, सट्टा और धर्मांतरण के मामलों में भी कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान संगठन ने जिले में चोरी, कबाड़ कारोबार, सट्टा और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की मांग भी उठाई। राकेश तिवारी ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पुलिस का रवैया अलग-अलग रहता है और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ जल्दी एफआईआर दर्ज कर ली जाती है।
उन्होंने कुछ लोगों की कथित सूची दिखाते हुए उनके खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। धर्मांतरण से संबंधित सभाओं के मामलों में भी अलग-अलग रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया। इन आरोपों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान कोई स्वतंत्र दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई।
तिवारी ने स्पष्ट किया कि संगठन की मुख्य मांग एसएसपी का तबादला कराना नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन को जवाबदेह बनाना है। उन्होंने जमीन, तहसील, खाद्य, पुलिस और आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने की बात भी कही।
14 अक्टूबर की रात हॉकी ग्राउंड में हुआ था विवाद
पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के हॉकी ग्राउंड में दुर्ग नव निर्माण समिति की ओर से गरबा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के पोस्टर और निशुल्क प्रवेश पास की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा होने के बाद बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी।
14 अक्टूबर की रात कुछ कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पहुंचे और मंच पर चढ़कर गरबा आयोजन में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान कांग्रेस के दुर्ग शहर जिला अध्यक्ष और कार्यक्रम आयोजक धीरज बाकलीवाल सहित कुछ अन्य लोगों के साथ विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई।
घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में एक युवक धीरज बाकलीवाल को धक्का देते दिखाई दिया। इसके बाद समिति अध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद अब विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने अपनी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने तथा मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर प्रदर्शन का दायरा बढ़ाया जाएगा।
फिलहाल विवाद को लेकर संगठन की ओर से पुलिस पर लगाए गए आरोपों और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के बीच निष्पक्ष जांच को लेकर मांग उठ रही है। मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

