
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विद्यार्थियों को मिल रहा पूर्व विद्यार्थियों के अनुभव और ज्ञान का लाभ
दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के भूगर्भशास्त्र विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भूतपूर्व विद्यार्थियों को महाविद्यालय से जोड़ने की अभिनव पहल की जा रही है। रूसा 2.0 के अंतर्गत आयोजित इस व्याख्यान श्रृंखला का उद्देश्य एलुमनी के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों तक पहुंचाना है।
महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि इस श्रृंखला के तहत पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के भूविज्ञान अध्ययनशाला के प्राध्यापक डॉ. के.आर. हरि ने जियोकेमिस्ट्री विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भूविज्ञान के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को जियोकेमिस्ट्री के पाठ्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की विस्तार से जानकारी दी। डॉ. हरि साइंस कॉलेज दुर्ग में करीब 25 वर्षों तक सहायक प्राध्यापक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
मिनरल एक्सप्लोरेशन और क्रिस्टलोग्राफी पर भी व्याख्यान
भूगर्भशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. एस.डी. देशमुख ने बताया कि विभाग के 1998 बैच के पूर्व छात्र एवं वर्तमान में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के रायपुर रीजन के डायरेक्टर अमित सोनी ने मिनरल एक्सप्लोरेशन विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के विस्तार से जवाब देते हुए खनिज अन्वेषण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
इसी क्रम में विभाग के पूर्व विद्यार्थी और वर्तमान में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के भूविज्ञान अध्ययनशाला में सहायक प्राध्यापक डॉ. विकास स्वर्णकार ने स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को क्रिस्टलोग्राफी के महत्व और क्रिस्टल समुदाय के वर्गीकरण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने क्रिस्टल सममिति, क्रिस्टल रूप और क्रिस्टल यमलन जैसे विषयों को रोचक तरीके से समझाया।
डिजिटल फोटोग्राफी पर कार्यशाला का आयोजन
भूगर्भशास्त्र विभाग में रूसा 2.0 के अंतर्गत प्राप्त अनुदान से स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए डिजिटल फोटोग्राफी पर आधारित कार्यशाला भी आयोजित की गई। इसमें उद्यमी श्री प्रणव रॉय ने जियोलॉजिकल फील्ड वर्क और प्रयोगशाला के दौरान फोटोग्राफी से संबंधित उपयोगी जानकारी दी। उन्होंने मोबाइल से फोटो खींचते समय आवश्यक सावधानियों और बेहतर फोटोग्राफी के तकनीकी पहलुओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
प्राचार्य ने एलुमनी योजना की सराहना की
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने भूगर्भशास्त्र विभाग की एलुमनी को महाविद्यालय से जोड़ने वाली पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से पूर्व विद्यार्थी महाविद्यालय से जुड़े रहते हैं और उनके ज्ञान एवं अनुभव का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों को मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान भूगर्भशास्त्र के अतिथि प्राध्यापक डॉ. इन्द्रजीत साकेत एवं डॉ. राहुल द्विवेदी सहित विभाग के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी आमंत्रित वक्ताओं का स्वागत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधा भेंटकर किया गया।

