बिलासपुर। सोशल मीडिया पर दोस्ती, निजी वीडियो और कथित ब्लैकमेलिंग से जुड़े एक सनसनीखेज मामले में पुलिस की तकनीकी जांच ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी है। प्रारंभिक शिकायत में खुद को पीड़िता बताने वाली युवती अब पुलिस जांच में मुख्य आरोपी बनकर सामने आई है।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती
पुलिस के अनुसार, युवती इंस्टाग्राम के माध्यम से युवकों से दोस्ती करती थी। बातचीत बढ़ने के बाद उन्हें मिलने के लिए बुलाया जाता था। आरोप है कि मुलाकात के दौरान निजी पलों के वीडियो रिकॉर्ड किए गए, जिनका बाद में ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल किया गया।
फर्जी आईडी बनाकर रची गई साजिश
जांच में सामने आया कि युवकों के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए गए। इन्हीं फर्जी आईडी से युवती के इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर निजी वीडियो भेजे गए, ताकि यह दिखाया जा सके कि कोई युवक उसे अश्लील वीडियो भेजकर परेशान और ब्लैकमेल कर रहा है।
तकनीकी जांच में खुली परतें
युवती की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने डिजिटल और तकनीकी जांच शुरू की। आईपी एड्रेस, लॉगिन हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच में खुलासा हुआ कि जिन फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स से वीडियो भेजे जा रहे थे, उनका संचालन कथित तौर पर युवती के ही मोबाइल फोन से किया जा रहा था।
शिकायतकर्ता के खिलाफ मामला दर्ज
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने युवती के खिलाफ फर्जी डिजिटल पहचान बनाने, कथित ब्लैकमेलिंग की साजिश रचने और भ्रामक शिकायत दर्ज कराने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही फर्जी प्रोफाइल, डिजिटल ब्लैकमेलिंग या किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी गई है।
नोट: मामले की जांच अभी जारी है। अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

