पर्सनल एक्सीडेंट कवर पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बीमा कंपनी को 50 हजार अतिरिक्त मुआवजा देने के निर्देश

Spread the love

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़क हादसे में मृत युवक के परिजनों को राहत देते हुए बीमा कंपनी को 50 हजार रुपए अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि वाहन चालक स्वयं दुर्घटना के लिए जिम्मेदार हो, तब सामान्य मोटर दुर्घटना दावा पूरी तरह स्वीकार्य नहीं होगा, लेकिन बीमा पॉलिसी में शामिल पर्सनल एक्सीडेंट कवर के तहत पीड़ित परिवार मुआवजे का हकदार रहेगा।

मृतक की मां ने मुआवजा बढ़ाने लगाई थी गुहार

मामला आशीष पटेल की सड़क दुर्घटना में मौत से जुड़ा है। मृतक की मां सरिस्किला पटेल ने अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण प्रतापपुर के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। ट्रिब्यूनल ने पहले 50 हजार रुपए मुआवजा मंजूर किया था, जिसे बढ़ाने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला

जस्टिस संजय के. अग्रवाल की सिंगल बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि दुर्घटना में मृतक स्वयं वाहन चला रहा था और हादसा उसकी लापरवाही व वाहन की तकनीकी खराबी के कारण हुआ। ऐसे मामलों में मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 166 के तहत सामान्य मुआवजा दावा पूरी तरह लागू नहीं होता।

कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि जब किसी अन्य वाहन की भूमिका नहीं हो, तब बीमा कंपनी पर पूर्ण मुआवजा देने की बाध्यता नहीं बनती।

पर्सनल एक्सीडेंट कवर के तहत मिलेगा लाभ

सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वाहन की बीमा पॉलिसी में 1 लाख रुपए का पर्सनल एक्सीडेंट कवर शामिल था। चूंकि ट्रिब्यूनल पहले ही 50 हजार रुपए का भुगतान मंजूर कर चुका था, इसलिए हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी को अतिरिक्त 50 हजार रुपए और देने का निर्देश दिया।

30 दिनों में राशि जमा करने के आदेश

हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी को 30 दिनों के भीतर अतिरिक्त राशि जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही इस रकम पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने के आदेश दिए गए हैं। कोर्ट के इस फैसले को पर्सनल एक्सीडेंट बीमा कवर से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?