सुसाईड नोट में DEO-DMC : शिक्षक की आत्महत्या मामले में मचा बवाल, सुसाईट नोट में प्रताड़ना का आरोप, ठेकेदार, इंजीनियर, डीईओ सहित इन अफसरों के नाम

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बीजापुर जिले में एक शिक्षक की आत्महत्या के बाद माहौल गरमा गया है। सुसाइड नोट में कई अधिकारियों और ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके चलते परिजनों और समाज ने उग्र प्रदर्शन किया और प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।

 

बीजापुर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक शिक्षक की आत्महत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पालनार के प्रधानपाठक द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम के बाद न केवल शिक्षा विभाग बल्कि जिला प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया है। घटना के बाद जिला अस्पताल के सामने परिजनों, स्थानीय समाज और जनप्रतिनिधियों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

मामले को और गंभीर तब बना दिया जब मृतक शिक्षक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट की जानकारी सामने आई। इस पत्र में ठेकेदार, इंजीनियर, विभागीय अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला मिशन समन्वयक (DMC) सहित कई लोगों के नामों का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन लोगों द्वारा शिक्षक पर बिना कार्य पूर्ण हुए शासकीय राशि निकालने का दबाव बनाया जा रहा था।

परिजनों का कहना है कि मृतक लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना झेल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों द्वारा उस पर गलत तरीके से काम करने का दबाव डाला जा रहा था, जिससे वह बेहद तनाव में था। आखिरकार इसी दबाव से तंग आकर उसने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया।

घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और समाज के लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित हो गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।

इस बीच क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और उन्होंने परिजनों को समर्थन दिया। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम हैं, उनके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह न्याय के साथ अन्याय होगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि शाला शिक्षा समिति के कार्यों में आखिर किसके दबाव में ठेकेदारी कराई जा रही है।

समाज प्रमुख आदिनारायण पुजारी ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर बातचीत के बाद फिलहाल धरना समाप्त कर दिया गया है।

बीजापुर के एसडीएम जागेश्वर कौशल ने बताया कि समाज की तीन प्रमुख मांगों—त्वरित कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और संबंधित विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ सख्त जांच—पर सहमति बनी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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