
रायपुर | 25 मार्च 2026
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की करीब 1700 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत रायपुर जोनल कार्यालय द्वारा की गई।
दुबई और दिल्ली की 22 संपत्तियां अटैच
ED के अनुसार कुल 22 अचल संपत्तियां अटैच की गई हैं, जिनमें:
- 18 संपत्तियां दुबई में
- 2 संपत्तियां नई दिल्ली में शामिल हैं
इनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 1700 करोड़ रुपए बताई गई है। खास बात यह है कि इसमें बुर्ज खलीफा में स्थित एक लग्जरी अपार्टमेंट भी शामिल है।
प्राइम लोकेशन पर खरीदी गई लग्जरी प्रॉपर्टी
जांच एजेंसी के मुताबिक अटैच की गई संपत्तियां दुबई के प्रमुख इलाकों में स्थित हैं, जैसे:
- Dubai Hills Estate (Hills View, Fairway Residency, Sidra)
- Business Bay
- SLS Hotel & Residences
यहां लग्जरी विला और हाई-एंड अपार्टमेंट खरीदे गए थे।
सट्टे की कमाई से खरीदी गई संपत्ति
ED की जांच में सामने आया है कि ये सभी संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बुक और अन्य अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म से कमाए गए “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” से खरीदी गई थीं।
इस पूरे नेटवर्क को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से संचालित कर रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया कि महादेव ऐप एक अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी सिंडिकेट के रूप में काम कर रहा था। यह नेटवर्क कई प्लेटफॉर्म्स के जरिए संचालित होता था, जिनमें:
- Tiger Exchange
- Gold365
- Laser247
यह पूरा सिस्टम फ्रेंचाइजी मॉडल पर आधारित था, जिसके जरिए देशभर में “पैनल” और “ब्रांच” बनाकर नेटवर्क फैलाया गया।
हवाला और क्रिप्टो के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग
ED के अनुसार:
- हजारों डमी बैंक अकाउंट खोले गए
- आम लोगों के KYC का दुरुपयोग किया गया
- रकम को हवाला, क्रिप्टो और लेयरिंग के जरिए विदेश भेजा गया
इसके बाद इस पैसे को UAE और भारत में महंगी संपत्तियों में निवेश किया गया।
अब तक 4336 करोड़ की संपत्तियां अटैच
इस मामले में ED ने अब तक:
- 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी
- 13 आरोपियों की गिरफ्तारी
- 74 लोगों को आरोपी बनाया
एजेंसी के मुताबिक अब तक कुल 4336 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।
भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया जारी
ED ने सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ Fugitive Economic Offenders Act 2018 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
एजेंसी का कहना है कि विदेश में बैठे आरोपियों को पकड़ने और अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच लगातार जारी है।
