
कांकेर 9 मई 2026। छत्तीसगढ़ की युवतियों को झारखंड में बंधक बनाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक कुल 35 लड़कियां झारखंड के गढ़वा जिले में फंसी हुई हैं, जिनमें 15 लड़कियां कांकेर जिले की बताई जा रही हैं। ये सभी युवतियां नर्सिंग से जुड़ा काम करने और ट्रेनिंग लेने के लिए वहां गई थीं। मामला तब सामने आया जब एक लड़की ने मदद की गुहार लगाते हुए वीडियो भेजा, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और लड़कियों को वापस लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल क्षेत्र की एक युवती ने अपने गांव के युवक को वीडियो भेजकर मदद मांगी। वीडियो में धमतरी जिले के कुरूद की रहने वाली एक लड़की रोते हुए नजर आ रही है। वह कहती दिखाई दे रही है कि उसे वहां अच्छा नहीं लग रहा और वह घर लौटना चाहती है, लेकिन उसके पास पैसे नहीं हैं। वीडियो में एक महिला की आवाज भी सुनाई देती है, जो कहती है कि “इस लड़की ने पैसा नहीं दिया है, इसलिए इसे जाने नहीं देंगे।”
वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद कांकेर कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कराई। कलेक्टर ने बताया कि झारखंड के गढ़वा जिले में कांकेर सहित अन्य जिलों की कुछ लड़कियां नर्सिंग कार्य और ट्रेनिंग के लिए गई थीं। वहीं से कुछ फोन कॉल और शिकायतें मिली हैं, जिनमें लड़कियों को बंधक बनाए जाने की बात कही गई है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी लड़कियां कांकेर जिले की नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कुछ युवतियां बालिग हैं और अपनी इच्छा से काम के लिए वहां गई थीं। हालांकि एक लड़की द्वारा बंधक बनाए जाने की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। जिला प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार झारखंड के गढ़वा जिले के कलेक्टर और एसपी के संपर्क में है।
प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि लड़कियां वहां तक कैसे पहुंचीं, किस एजेंसी या लोगों के माध्यम से उन्हें भेजा गया और वहां उनकी स्थिति क्या है। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि कुछ लड़कियों को ट्रेनिंग और नौकरी का झांसा देकर ले जाया गया हो सकता है। हालांकि प्रशासन ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विस्तृत जांच की बात कही है।
कांकेर कलेक्टर ने कहा कि जैसे ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी, प्रशासनिक टीम झारखंड जाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी और जरूरत पड़ने पर लड़कियों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा। इस घटना के बाद मानव तस्करी और नौकरी के नाम पर युवतियों को दूसरे राज्यों में भेजे जाने के मामलों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

