
दुर्ग। शासकीय वाई. वाई. टी. पीजी. स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग (छत्तीसगढ़) में “जल संरक्षण पखवाड़ा समापन समारोह” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना तथा इसके महत्व को रेखांकित करना था।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. के. सिंह ने सभी विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे केवल इन कार्यक्रमों तक ही सीमित न रहें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी जल संरक्षण को अपनाएँ। छोटे-छोटे प्रयास, जैसे अनावश्यक जल का उपयोग न करना, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना, एवं दूसरों को भी इसके लिए
प्रेरित करना-एक बड़े बदलाव की शुरुआत कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत एम.एससी. प्राणीशास्त्र के विद्यार्थियों द्वारा “जल संरक्षण” विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इस नाटक के माध्यम से जल की बर्बादी, भविष्य में संभावित जल संकट तथा जल बचाने के सरल उपायों को सशक्त ढंग से दर्शाया गया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने सराहा।
नुक्कड़ नाटक के पश्चात विद्यार्थियों द्वारा महाविद्यालय परिसर के सामने जल संरक्षण विषय पर जागरूकता मार्च (रैली) निकाली गई। इस मार्च के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न नारों के माध्यम से आमजन को जल बचाने एवं इसके संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
समारोह में विशेष व्याख्यान का आयोजन भी किया गया, जिसमें डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने “जल संरक्षण” विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने जल संकट की गंभीरता, उसके प्रमुख कारणों तथा संरक्षण के व्यावहारिक उपायों पर प्रकाश डालते हुए सभी को जल के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शीतल, द्वितीय स्थान कुसुम तथा तृतीय स्थान यू. लया ने प्राप्त किया। वहीं स्लोगन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान साक्षी एवं गोदावरी, द्वितीय स्थान सोनल एवं भुवेश तथा तृतीय स्थान ओजस्वी को प्राप्त हुआ।
समारोह के अंतिम चरण में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इसके साथ ही जल संरक्षण पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित सभी कार्यक्रमों का सफल समापन हुआ।


