बिना लाइसेंस बेटे को बाइक देना पिता को पड़ा भारी, कोर्ट ने सुनाई 3 महीने की जेल; बेटे को 5 साल का कारावास

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दुर्ग में सड़क हादसे में युवक की मौत के मामले में पिता-पुत्र दोनों दोषी करार, वाहन मालिक पर भी लगाया 5 हजार रुपए का जुर्माना

दुर्ग-भिलाई। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बेटे को मोटरसाइकिल चलाने के लिए देना पिता को महंगा पड़ गया। सड़क हादसे में एक युवक की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में दुर्ग सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने बाइक चला रहे बेटे मोहित कुमार बघेल को 5 साल के सश्रम कारावास और उसके पिता मोहन लाल बघेल को 3 महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। पिता पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।

4 अगस्त 2025 को हुआ था दर्दनाक हादसा

मामला 4 अगस्त 2025 की रात करीब 8:30 बजे का है। सुपेला थाना क्षेत्र के स्मृतिनगर चौकी अंतर्गत एक स्कूल के पास मोटरसाइकिल क्रमांक CG 07 CW-2768 ने एक्टिवा क्रमांक CG 19 A-2771 को टक्कर मार दी थी। पुलिस जांच के अनुसार मोटरसाइकिल चला रहा मोहित कुमार बघेल तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था।

हादसे में एक्टिवा चालक शादान अली की मौत हो गई थी, जबकि पीछे बैठे उत्तम पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

बिना लाइसेंस बेटे को दी थी मोटरसाइकिल

घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना में सामने आया कि मोटरसाइकिल चला रहे मोहित कुमार बघेल के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद उसके पिता मोहन लाल बघेल ने उसे मोटरसाइकिल चलाने के लिए दे दी थी।

पुलिस ने हादसे के लिए चालक की लापरवाही के साथ-साथ बिना लाइसेंस बेटे को वाहन सौंपने के मामले में पिता की जिम्मेदारी भी तय की। जांच पूरी होने के बाद पिता-पुत्र दोनों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया।

31 अक्टूबर को न्यायालय ने सुनाया फैसला

दुर्ग सत्र न्यायालय ने 31 अक्टूबर 2026 को मामले में फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। न्यायालय ने 19 वर्षीय मोहित कुमार बघेल को भारतीय न्याय संहिता और मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई। वहीं, उसके 54 वर्षीय पिता मोहन लाल बघेल को मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत 3 महीने का साधारण कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया।

पिता-पुत्र को अलग-अलग धाराओं में मिली सजा

मोहित कुमार बघेल को भारतीय न्याय संहिता की धारा 105(2) के तहत 5 साल का सश्रम कारावास और 1 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा धारा 110(2) के तहत 3 साल का सश्रम कारावास और 1 हजार रुपए अर्थदंड लगाया गया है।

मोटरयान अधिनियम की धारा 184 के तहत 10 महीने का साधारण कारावास और 3 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 3/181 के तहत 3 महीने का साधारण कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया गया है।

वहीं, पिता मोहन लाल बघेल को धारा 5/180 के तहत 3 महीने का साधारण कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा दी गई है। अर्थदंड नहीं चुकाने पर उन्हें 7 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

दोनों आरोपी वार्ड क्रमांक 21, भाटापारा कुरुद, चौकी जामुल क्षेत्र के निवासी हैं। इस फैसले से यह स्पष्ट संदेश गया है कि नाबालिग या बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाले व्यक्ति को वाहन चलाने देना वाहन मालिक के लिए भी कानूनी मुसीबत बन सकता है।

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