
दुर्ग। कायस्थ सभा दुर्ग द्वारा बगवान चित्रगुप्त के प्रकटउत्सव के अवसर पर कसारीडीह स्थित कायस्थ सभा भवन से भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जिसमें दुर्ग भिलाई के लगभग 200 कायस्थ परिवारो ने हिसा लिया। शोभा यात्रा में घोड़ो से सुसज्जित रथ में अक्षत श्रीवास्तव भगवान श्री चित्रगुप्त के प्रतिरूप के रूप में उपस्थित थे। यह जानकारी देते हुये कायस्थ सभा दुर्ग के डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया की चित्रगुप्त भगवान का प्रकटीकरण ब्रम्हा जी की काया से हुआ है इसी लिये इस वर्ग के लोगों को कायस्थ कहा जाता है। आज भव्य शोभा यात्रा के पूर्व चित्रगुप्त मंदिर में भगवान का पूजन एवं अभिषेक हुआ जिसमें मुख्य जजमान के रूप में जेसीआई के श्री संतोष सिन्हा एवं श्रीमती रानू सिन्हा उपस्थित थी।
कायस्थ सभा दुर्ग के अध्यक्ष राजेश महावीर प्रसाद श्रीवास्तव एवं सचिव सुमीत श्रीवास्तव ने सयुक्त रूप से बताया की भगवान चित्रगुप्त के प्रकटउत्सव के अवसर पर निकली भव्य शोभा यात्रा कसारीडीह स्थित कायस्थ समाज भवन से आरंभ होकर केलाबाडी, सुराना कॉलेज के सामने से होती हुई सांई बाबा मंदिर से प्रवेश कर वापस कायस्थ सभा भवन में परिणित हो गई। यहा उपस्थित सैकड़ो कायस्थ महिला एवं पुरुषों ने भगवान चित्रगुप्त के प्रतीक स्वरूप अक्षत श्रीवास्तव का जोरदार स्वागत किया। उस अवसर पर उपस्थित लगभग 200 से अधिक कायस्थ जनों ने भगवान चित्रगुप्त की आरती भी की। कायस्थ सभा के सचिव श्री हर्षवर्धन श्रीवास्तव द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार भव्य शोभा यात्रा में 90 वर्षीय श्री नन्दू लाल श्रीवास्तव तथा 87 वर्षीय श्री राधेश्याम श्रीवास्तव भी शामिल थे इन दोनो वृद्ध कायस्थ जनों ने शोमा यात्रा के दौरान प्रसन्नता वयक्त करते हुये नृत्य भी किया।
कायस्थ समाज महिला मण्डल की उपाध्यक्ष श्रीमती सरोज श्रीवास्तव ने बताया की चित्रगुप्त जी के प्रकटउत्सव में महिला मण्डल का उल्लेखनीय योगदान रहा जिसमें शोभा यात्रा के दौरान बढी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य गरबा, भागड़ा तथा हिन्दी लोक नृत्य की सामृहिक रूप से प्रस्तुति दी। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख कायस्थ जनों ने डॉ. सरिता प्रशांत श्रीवास्तव, श्रीमती श्रद्धा सुमीत श्रीवास्तव, श्रीमती पूनम अनिल श्रीवास्तव, श्रीमती अलका संजीव ब्यैहार, सुरेन्द्र खरे, श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव, श्रीमती रश्मि सुधीर श्रीवास्तव, श्री संजीव श्रीवास्तव, श्री संजय वर्मा, श्रीमती रूचि सकसेना एवं श्री पी.वी. सकसेना, श्रीमती अंजना एवं श्री समर्थ श्रीवास्तव, श्री पीयुष श्रीवास्तव, श्री सचिन श्रीवास्तव, श्री प्रशांत बक्क्षी, श्री सत्येन्द्र कुमार खरे सहित बढ़ी संख्या में कायस्थजन उपस्थित थे।

