
कांकेर | 02 मई 2026
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल प्रभावित इलाके में डिमाइनिंग ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। District Reserve Guard (DRG) के जवानों पर उस समय आईईडी ब्लास्ट हो गया, जब वे विस्फोटक को निष्क्रिय करने की कार्रवाई कर रहे थे। इस हादसे में DRG के प्रभारी इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी समेत चार जवान शहीद हो गए, जबकि एक अन्य घायल जवान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
🔴 घटना कैसे हुई
जानकारी के अनुसार, 2 मई को छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में कांकेर-नारायणपुर सीमा के जंगलों में DRG टीम एरिया डॉमिनेशन, सर्चिंग और डी-माइनिंग ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान माओवादियों द्वारा पहले से लगाए गए आईईडी को निष्क्रिय करते समय अचानक विस्फोट हो गया।
🇮🇳 शहीद जवानों के नाम
इस दर्दनाक घटना में निम्न जवान शहीद हुए:
- इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी
- कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा
- कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले
- कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम (इलाज के दौरान निधन)
⚠️ क्षेत्र में अब भी बड़ा खतरा
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि हाल के महीनों में आत्मसमर्पित नक्सलियों की सूचना के आधार पर सैकड़ों आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किए गए हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में छिपे हुए विस्फोटक अभी भी सुरक्षा बलों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।
📍 बस्तर में बढ़ी चिंता
यह घटना बस्तर संभाग में नक्सल गतिविधियों की गंभीरता को फिर उजागर करती है। लगातार ऑपरेशन के बावजूद माओवादी संगठन सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए आईईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
🧾
कांकेर की यह घटना सुरक्षा बलों के सामने मौजूद खतरों और चुनौतियों को स्पष्ट करती है। डिमाइनिंग जैसे संवेदनशील ऑपरेशन में भी जवानों को जान जोखिम में डालनी पड़ती है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तकनीकी और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
