एफसीआई भर्ती पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

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दागी और ईमानदार अभ्यर्थियों को अलग कर परिणाम जारी करने के निर्देश

बिलासपुर |

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एफसीआई की वर्ष 2017 की वाचमैन भर्ती प्रक्रिया को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूरी भर्ती को निरस्त करने के फैसले को असंवैधानिक और मनमाना करार देते हुए रद्द कर दिया है। जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दागी और ईमानदार अभ्यर्थियों को अलग-अलग चिन्हित कर योग्य उम्मीदवारों का परिणाम तीन महीने के भीतर जारी किया जाए।

पूरी भर्ती रद्द करना गलत: कोर्ट की सख्त टिप्पणी

कोर्ट ने कहा कि यदि गड़बड़ी करने वाले उम्मीदवारों की पहचान संभव है, तो पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द करना न्यायसंगत नहीं है। ऐसा करना उन अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा पास की है। अदालत ने फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसमें स्पष्ट है कि किन अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर सही हैं और किनमें गड़बड़ी पाई गई है।

114 युवाओं के लिए नौकरी का रास्ता साफ

हाई कोर्ट के इस फैसले से 114 पदों पर भर्ती का रास्ता फिर से खुल गया है। लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को अब राहत मिलने की उम्मीद है।

क्या था पूरा मामला?

एफसीआई ने अगस्त 2017 में छत्तीसगढ़ रीजन में वाचमैन के 114 पदों के लिए भर्ती निकाली थी। 24 सितंबर 2017 को लिखित परीक्षा आयोजित हुई और जून 2018 में 457 उम्मीदवारों को फिजिकल टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। 18-19 अगस्त 2018 को रायपुर में शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित हुई, जिसमें 160 उम्मीदवार सफल घोषित किए गए।

हस्ताक्षर विवाद में फंसी भर्ती

भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण में 47 उम्मीदवारों के हस्ताक्षरों में विसंगति पाई गई। इसके बाद मामला फोरेंसिक जांच में चला गया, जो वर्षों तक लंबित रहा। अंततः 12 जनवरी 2023 को एफसीआई ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही निरस्त कर दिया था।

याचिका के बाद बदला फैसला

एफसीआई के इस निर्णय को चुनौती देते हुए मनीष कुमार यादव, खेम प्रसाद, लक्ष्मीकांत दुबे, नीलेश सिंह सहित अन्य अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने भर्ती निरस्त करने के आदेश को रद्द कर दिया और चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

टाइमलाइन: वाचमैन भर्ती प्रक्रिया

  • अगस्त 2017: 114 पदों के लिए विज्ञापन जारी
  • 24 सितंबर 2017: लिखित परीक्षा आयोजित
  • जून 2018: 457 उम्मीदवार पीईटी के लिए शॉर्टलिस्ट
  • 18-19 अगस्त 2018: रायपुर में फिजिकल टेस्ट
  • 17 सितंबर 2018: 160 उम्मीदवार सफल, 47 के हस्ताक्षर संदिग्ध
  • 2018–2022: फोरेंसिक जांच लंबित
  • 12 जनवरी 2023: भर्ती प्रक्रिया निरस्त

आगे क्या?

हाई कोर्ट ने एफसीआई को स्पष्ट निर्देश दिया है कि तीन महीने के भीतर पूरी प्रक्रिया को पूरा कर योग्य अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित किया जाए। इससे वर्षों से लंबित भर्ती प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंचने की उम्मीद है।

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