हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में एनएसएस की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर

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दुर्ग, 29 अक्टूबर 2026। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में गुरुवार को शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय (साइंस कॉलेज), दुर्ग में विश्वविद्यालय स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार पांडेय, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, साइंस कॉलेज दुर्ग के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह तथा विश्वविद्यालय की एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. वाई. ध्रुव विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यशाला का शुभारंभ एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. वाई. ध्रुव के स्वागत भाषण से हुआ। इसके बाद डॉ. नीता बाजपेयी, डॉ. अनिल कुमार पांडेय और डॉ. अजय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों और सामाजिक विकास में स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों में सेवा भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने योजना की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा युवाओं को समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने पर बल दिया।

कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, दलनायक, दलनायिकाएं और जिला संगठक शामिल हुए। विभिन्न सत्रों के दौरान एनएसएस की गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने, स्वयंसेवकों की सहभागिता बढ़ाने और सामाजिक सेवा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय कुमार शुक्ला ने किया। उन्होंने सभी सत्रों का क्रमबद्ध संचालन करते हुए कार्यशाला की गतिविधियों को आगे बढ़ाया। अंत में जिला बालोद की जिला समन्वयक डॉ. लीना साहू ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने अतिथियों, आयोजकों और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह प्रशिक्षण कार्यशाला राष्ट्रीय सेवा योजना के आदर्श वाक्य “मैं नहीं, बल्कि आप” की भावना को साकार करने तथा युवाओं को समाज सेवा, सामुदायिक विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही।

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