
दुर्ग।छ.ग. शासन उच्चशिक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास हेतु बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में संभाग स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। राज्य समन्वयक डॉ सोमाली गुप्ता, प्राचार्य, शासकीय महाविद्यालय, अर्जुन्दा ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 90 दिवसीय विशेष अंग्रेजी पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों का संवाद कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाने हेतु प्रयास किये जा रहे है। इस कार्यशाला का आयोजन रूसा, आरक्यूआईएसीसी के सहयोग से किया गया। डॉ. सोमाली गुप्ता के अनुसार कार्यक्रम का कियान्वयन छत्तीसगढ़ उच्चशिक्षा विभाग के मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सचिव अभिनाश चंपावत, आयुक्त, उच्चशिक्षा श्रीमती रीता यादव के निर्देशन में किया गया।
रूसा के परियोजना संचालक, डॉ. एम.एस.गुप्ता के अनुसार विशेष 90 घण्टे के इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा को सुनने, समझने, बोलने तथा अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने का व्यवहारिक कौशल विकसित करना है। इसके माध्यम से विद्यार्थी कक्षा की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने, समूह चर्चा में शामिल होने, प्रस्तुतियां देने तथा साक्षात्कार की तैयारी में अधिक सक्षम बन सकेंगे। महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि साईंस कालेज, दुर्ग में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में अपर संचालक, उच्चशिक्षा दुर्ग संभाग, डॉ. अनुपमा अस्थाना, संयुक्त संचालक, रूसा डॉ. एम.एस. गुप्ता, मास्टर ट्रेनर डॉ तंजीम आरा खान एवं सुश्री पुण्यप्रदा सिंह सहित विभिन्न जिलों के प्रतिभागी प्राध्यापक उपस्थित थे। प्रशिक्षण में दुर्ग संभाग के मोहला मानपुर, अंबागढ़ चौकी, बालोद, दल्लीराजहरा आदि के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
डॉ. सोमाली गुप्ता के अनुसार प्रतिभागियों को गतिविधि आधारित शिक्षण पध्दतियों एवं कक्षा में अपनायी जा सकने वाली व्यवहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे अपने-अपने महाविद्यालयों में इस पाठ्यक्रम का प्रभावी रूप से संचालन कर सके। प्रशिक्षण के दौरान जनजातीय क्षेत्र के विद्यार्थियों की भाषीय एवं सामाजिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए सरल, समावेशी और व्यवहारिक शिक्षण पध्दतियों को अपनाने पर विशेष बल दिया गया। अंग्रेजी बोलने की झिझक दूर करने तथा विद्यार्थियों म आत्मविश्वास विकसित करने के लिए संवाद, अभ्यास, समूह गतिविधियां, भूमिका, अभिनय और दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण की वजह से कार्यशाला अत्यंत प्रभावशील रही। डॉ. गुप्ता ने बताया कि राज्य शासन की रूसा के सहयोग से आरंभ की गयी इस
योजना के प्रभावी कियान्वयन से उच्चशिक्षा में समान अवसर एवं समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के संचार कौशल, आत्मविश्वास और सर्वांगीण विकास को भी नई दिशा मिलेंगी। इस कार्यक्रम के आयोजन में साईस कालेज, दुर्ग की अग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मर्सी जॉर्ज एवं डॉ. तरलोचन कौर संधू का योगदान रहा।

