चार महीने तक मौत बनकर घूमता रहा आरोपी, अंतिम संस्कार में भी रहता था शामिल
बलौदाबाजार, 23 जून 2026। बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खर्वे में पिछले चार महीनों से हो रही रहस्यमयी मौतों का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। मामले में गांव के ही निवासी रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार किया गया है, जिसने कथित रूप से शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर अपने परिचित आठ लोगों की हत्या कर दी। आरोपी के खिलाफ आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।
छोटी-छोटी रंजिशों ने बनाया सीरियल किलर
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रामसहाय जायसवाल लोगों द्वारा मजाक उड़ाने, गाली-गलौज करने, चुनावी विवाद, कर्ज, सामाजिक रंजिश, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका जैसी बातों को लेकर मन में गहरी दुश्मनी पालता था। इसी मानसिक कुंठा और प्रतिशोध की भावना के चलते उसने एक-एक कर अपने परिचितों को निशाना बनाया।
पहले कुत्ते पर किया जहर का परीक्षण
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी ने सबसे पहले एक कुत्ते पर सुहागा एक जहरीले पदार्थ का परीक्षण किया था। सफल होने के बाद उसने लोगों को शराब पिलाने के दौरान उसमें जहरीला पदार्थ मिलाना शुरू कर दिया। शराब पीने के बाद पीड़ितों की तबीयत बिगड़ती थी और कुछ समय बाद उनकी मौत हो जाती थी।
अंतिम यात्रा में भी रहता था शामिल
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी खुद पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने में मदद करता था। इतना ही नहीं, वह मृतकों के अंतिम संस्कार और अंतिम यात्रा में भी शामिल होकर ग्रामीणों का विश्वास बनाए रखता था, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ।
8 रहस्यमयी मौतों से दहला था गांव
फरवरी से मई 2026 के बीच खर्वे गांव में लगातार आठ लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। एक ही गांव में लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल बन गया था। 6 जून 2026 को ग्रामीणों ने कसडोल एसडीओपी को आवेदन देकर रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और सात मृतकों के शवों को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम तथा फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा। एक मृतक का पहले ही अंतिम संस्कार किया जा चुका था।
इन लोगों को बनाया गया शिकार
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अलग-अलग कारणों से निम्न लोगों को निशाना बनाया—
- 6 फरवरी: बद्री पटेल – गाली-गलौज और शराब को लेकर विवाद।
- 20 फरवरी: बुठालु साहू – चुनावी विवाद और सामाजिक अपमान।
- 12 मार्च: छत्तु साहू – पत्नी पर बुरी नजर रखने के संदेह में।
- 20 मार्च: बुधराम जायसवाल – जमीन और सामाजिक रंजिश।
- 31 मार्च: विनोद कुमार साहू – अपमान और गाली-गलौज का बदला।
- 28 अप्रैल: गजानंद मांझी – टोना-टोटका करने के संदेह में।
- 29 अप्रैल: चैतूराम साहू – कर्ज और ब्याज के विवाद को लेकर।
- 14 मई: महेतरू राम साहू – चुनावी रंजिश और ताने मारने की बात पर।

इसके अलावा कार्तिक कुम्हार को भी जहरीली शराब पिलाई गई थी, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच गई।
पुलिस को भी करता रहा गुमराह
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने शुरुआत में खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। हालांकि तकनीकी साक्ष्यों, ग्रामीणों के बयान और लगातार पूछताछ के बाद उसने कथित रूप से सभी घटनाओं की जानकारी पुलिस को दी।
21 बलि की अफवाह से फैली थी दहशत
लगातार हो रही मौतों के बीच गांव में यह चर्चा भी फैल गई थी कि गड़े धन को हासिल करने के लिए 21 लोगों की बलि दी जानी है। हालांकि पुलिस ने ऐसी किसी बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इन अफवाहों ने ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बना दिया था।
पुलिस जुटा रही अतिरिक्त साक्ष्य
पुलिस आरोपी को गांव लेकर पहुंची है और उसके घर सहित आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच कर रही है। मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और संभावित अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी रामसहाय जायसवाल के विरुद्ध आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है। इस बहुचर्चित मामले का खुलासा विस्तृत जांच, फॉरेंसिक साक्ष्यों और ग्रामीणों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर संभव हो सका।


