कांग्रेस नेता रेप मामले में गिरफ्तार: शादी से पहले गर्लफ्रेंड ने भेजवा दिया जेल, 10 साल तक दोस्ती कर करता रहा रेप

Spread the love

कवर्धा में किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि चंद्रवंशी को 10 साल तक शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। महिला थाना में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने रायपुर से आरोपी को पकड़ा।

 

कवर्धा 26 अप्रैल 2026। एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रवि चंद्रवंशी को यौन शोषण के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी को रायपुर से देर रात हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी पर एक महिला ने 10 साल तक शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है।

मामले की जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने महिला थाना कवर्धा में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि रवि चंद्रवंशी पिछले करीब 10 वर्षों से उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा। महिला का कहना है कि आरोपी ने कई बार शादी का आश्वासन दिया, लेकिन हर बार किसी न किसी बहाने से टालता रहा।

पीड़िता के अनुसार, जब उसे हाल ही में पता चला कि आरोपी की शादी 7 मई को कहीं और तय हो चुकी है, तब उसने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और पुलिस का सहारा लिया। इसके बाद उसने पूरी घटना की जानकारी देते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर पाते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कवर्धा लाया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल मच गई है। एक सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति पर इस तरह के गंभीर आरोप लगने से लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। वहीं, महिला संगठनों ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि शादी का झांसा देकर लंबे समय तक संबंध बनाना और बाद में मुकर जाना भारतीय दंड संहिता के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, यदि यह साबित हो जाए कि शुरुआत से ही आरोपी का इरादा धोखा देने का था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?