
कवर्धा, 23 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक बेहद भावुक और मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। ग्राम नगवाही निवासी समलू मरकाम ने अपनी कैंसर पीड़ित पत्नी के इलाज के लिए मोटरसाइकिल को ही स्ट्रेचर में बदल दिया और सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई।
रिश्तों की अनोखी मिसाल
आज के दौर में जहां रिश्तों में दरार की खबरें आम हैं, वहीं समलू मरकाम ने अपने समर्पण और प्रेम से एक अलग ही उदाहरण पेश किया है। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपनी पत्नी को बाइक में बांधकर इलाज के लिए कलेक्ट्रेट तक पहुंचाया।
थायराइड कैंसर से जूझ रही पत्नी
समलू ने बताया कि उनकी पत्नी थायराइड कैंसर से पीड़ित है। वे पहले ही रायपुर सहित कई अस्पतालों में इलाज करा चुके हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज जारी रखना संभव नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि पैसों की कमी के चलते वे दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
कलेक्ट्रेट में भी नहीं मिली राहत
समलू अपनी पत्नी को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन वहां उनकी मुलाकात कलेक्टर से नहीं हो सकी। निराश होकर उन्हें वापस लौटना पड़ा।
उन्होंने यह भी बताया कि वे एक मंत्री और कई NGO से भी मदद मांग चुके हैं, लेकिन पर्याप्त सहायता नहीं मिल सकी।
दवाइयों के लिए भी नहीं हैं पैसे
समलू ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि उनके पास पत्नी की दवाइयां खरीदने तक के पैसे नहीं हैं।
उन्होंने भावुक होकर कहा—
“मैं अपनी पत्नी को इस तरह तड़पते हुए नहीं देख सकता, मुझे मदद चाहिए।”
इलाज के लिए 2.30 लाख रुपये की जरूरत
डॉक्टरों के अनुसार उनकी पत्नी का ऑपरेशन नागपुर के एक अस्पताल में संभव है, जिसके लिए करीब 2.30 लाख रुपये खर्च होंगे।
समलू ने शासन-प्रशासन और समाज से अपील की है कि उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे अपनी पत्नी का इलाज करा सकें।
प्रशासन से मदद की अपील
समलू मरकाम ने उम्मीद जताई है कि सरकार और प्रशासन उनकी स्थिति को समझते हुए सहायता प्रदान करेंगे, जिससे उनकी पत्नी की जान बचाई जा सके।

