
दुर्ग।
दुर्ग जिले में गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए चलाए गए विशेष अभियान “ऑपरेशन तलाश” में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। महज 13 दिनों के भीतर पुलिस ने 192 गुमशुदा व्यक्तियों को खोजकर सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया, जिससे कई परिवारों में खुशी का माहौल लौट आया।
📅 अभियान की अवधि और रणनीति
यह विशेष अभियान 1 अप्रैल 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक चलाया गया। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में अलग-अलग टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने लगातार सक्रिय रहकर गुमशुदा लोगों की तलाश में समन्वित प्रयास किए।
👥 बरामद लोगों का विवरण
पुलिस द्वारा खोजे गए कुल 192 लोगों में शामिल हैं:
- 5 बच्चे (लड़के)
- 9 बच्चियां
- 127 महिलाएं
- 51 पुरुष
सभी को सुरक्षित दस्तयाब कर अधिकतर मामलों में उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
📡 तकनीक और सूचना तंत्र की अहम भूमिका
अभियान के दौरान पुलिस ने आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया, जिनमें शामिल हैं:
- CCTV फुटेज का विश्लेषण
- मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग
- मुखबिरों से मिली सूचनाएं
इसके अलावा, कई मामलों में अन्य जिलों और राज्यों की पुलिस से भी सहयोग लिया गया, जिससे कार्रवाई और अधिक प्रभावी रही।
🌍 अन्य राज्यों तक पहुंची जांच
पुलिस टीमों ने केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों और राज्यों तक जाकर भी तलाश अभियान चलाया। हर छोटे से छोटे सुराग को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई की गई।
💔 से ❤️ तक: भावुक मिलन के पल
गुमशुदा लोगों के मिलने के बाद जब उन्हें उनके परिवारों से मिलाया गया, तो कई भावुक दृश्य देखने को मिले। लंबे समय बाद अपनों को पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं।
👮 पुलिस का बयान
दुर्ग पुलिस अधिकारियों के अनुसार,
“कई लोग व्यक्तिगत कारणों से घर छोड़कर चले गए थे, जबकि कुछ मामलों में परिजनों को कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। लगातार प्रयासों से सभी को सुरक्षित बरामद किया गया है। ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।”
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“ऑपरेशन तलाश” दुर्ग पुलिस की सक्रियता, तकनीकी दक्षता और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। यह अभियान न केवल प्रशासनिक सफलता है, बल्कि समाज में भरोसा और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करता है।
