अफीम के बाद अब छत्तीसगढ़ में गांजे की खेती, मक्के की खेत में हो रही थी खेती, दो आरोपी गिरफ्तार

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कोंडागांव जिले के फरसगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मक्के की फसल के बीच छिपाकर की जा रही गांजे की अवैध खेती का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में गांजा जब्त किया गया है।

 

कोंडागांव 27 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पावारास में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां किसानों द्वारा मक्के की फसल के बीच गांजे की अवैध खेती की जा रही थी। पुलिस की सतर्कता और मुखबिर की सूचना के आधार पर इस अवैध गतिविधि का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 686 गांजा के पौधे बरामद किए हैं और इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह अवैध खेती पिछले कई महीनों से चल रही थी। गांजे के पौधे 3 से 4 फीट तक बढ़ चुके थे, जिससे स्पष्ट होता है कि इसे लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से उगाया जा रहा था। आरोपियों ने चालाकी से मक्के की फसल के बीच गांजे के पौधे लगाए थे, ताकि किसी को संदेह न हो सके।

मामले की सूचना पुलिस को मुखबिर के माध्यम से मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और मौके पर दबिश देने की योजना बनाई। देर शाम टीम ने गांव में छापा मारा, जहां दो अलग-अलग स्थानों पर गांजे की खेती का पता चला। रात होने के कारण पुलिस टीम ने मौके पर ही निगरानी जारी रखी और पूरी तैयारी के साथ अगली सुबह कार्रवाई को अंजाम दिया।

सुबह की कार्रवाई में पुलिस ने श्रवण कुमार उईके और अभीराम यादव के खेतों से कुल 686 गांजा के पौधे बरामद किए। जब्त किए गए गांजे का कुल वजन 21.360 किलोग्राम बताया जा रहा है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी ग्राम पिपरा पावारास के निवासी बताए जा रहे हैं। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह जांच का विषय है कि आरोपी इस अवैध खेती के जरिए किस नेटवर्क से जुड़े हुए थे और गांजे की सप्लाई कहां की जानी थी। इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।

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