
रायपुर 26 नवंबर 2025। गैंगस्टर अमन साव गैंग का आपरेटर व करीबी गुर्गा सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह को 10 दिसंबर को रायपुर पुलिस लेकर आएगी। शातिर बदमाश सुनील मीणा को इंटरपोल की मदद से अजरबैजान में गिरफ्तार किया गया था, जो कि मौजूदा वक्त में झारखंड की जेल में बंद है। रायपुर पुलिस आरोपी को पूछताछ के लिए छत्तीसगढ़ लायेगी। इसके लिए रायपुर की अदालत ने प्रोडक्शन वारंट जारी किया है।
गौरतलब है कि जुलाई 2024 में तेलीबांधा स्थित पीआरए ग्रुप के दफ्तर में हुए फायरिंग की घटना हुई थी। इस गोलीकांड में अमन साव गैंग का करीबी मयंक सिंह प्रमुख आरोपी है। इस घटना में गैंगस्टर अमन साव के शूटरों ने आफिस के बाहर फायरिंग की थी। इस केस में रायपुर पुलिस ने अमन साव गैंग के एक दर्जन से अधिक गुर्गों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि मयंक देश से बाहर बैठकर गैंग को आपरेट कर, इंटरनेट मीडिया के माध्यम से धमकियां दे रहा था।
अमन साव के एनकाउंटर के बाद मयंक कर था गैंग को आपरेट
आपको बता दे मार्च 2025 में रायपुर से झारखंड ले जाने के दौरान गैंगरस्टर अमन साव एनकाउंटर में मारा गया था। उसके बाद गैंग की कमान मयंक सिंह ने संभाल ली थी। वह इंटरनेशनल गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई का करीबी भी माना जाता है और अमन और लारेंस नेटवर्क के बीच की कड़ी के रूप में काम करता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मई 2024 में रायपुर में हमले की योजना से पहले हरियाणा और झारखंड के शूटर गिरफ्तार किए गए थे। इसी दौरान मयंक सिंह ने ईमेल कर कहा था….”गैंग में शूटरों की कमी नहीं है, मांग पूरी नहीं हुई, तो गोली चलेगी और निशाना नहीं चूकेगा।”
इसके दो महीने बाद 13 जुलाई 2024 को पीआरए दफ्तर के पास बाइक सवार शूटरों ने फायरिंग कर फरार हो गये थे। एक महीने के भीतर पुलिस ने अमन साव समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं मयंक सिंह देश से बाहर होने के कारण उस वक्त पुलिस के हाथ नही लग सका था। इसके बाद पुलिस ने इस शातिर अपराधी को अजरबैजान से पकड़ने में सफलता हासिल की है। जिसे झारखंड पुलिस ने गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल में रखा है। रायपुर में हुए गोलीकांड के मुख्य आरोपी मयंक सिंह को पूछताछ के लिए झारखंड से रायपुर लाने की तैयारी है।
