दुर्ग। जिले की शिवनाथ नदी पर 13 जनवरी को आत्महत्या की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। दोनों ही मामलों में स्थानीय नागरिकों, पुलिस और गोताखोरों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और युवतियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
दोपहर में युवती ने लगाई नदी में छलांग
पहली घटना दोपहर के समय की बताई जा रही है। अचानक एक युवती शिवनाथ नदी में कूद गई। नदी तट पर मौजूद लोगों ने उसे देखते ही शोर मचाया और मौके पर तैनात गोताखोरों को सूचना दी। सूचना मिलते ही गोताखोर नदी में उतरे और युवती को डूबने से पहले सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
युवती को बाहर निकालने के बाद परिजनों को बुलाकर उनके सुपुर्द किया गया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई है। आत्महत्या के प्रयास के कारणों की जांच की जा रही है।
संदिग्ध गतिविधि देख लोगों ने दी पुलिस को सूचना
दूसरी घटना देर शाम की है। एक अन्य युवती काफी देर तक नदी किनारे बैठी रही, जिससे स्थानीय लोगों को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत डायल-112 में तैनात आरक्षक जावेद अहमद खान को सूचना दी।
कूदने से पहले आरक्षक ने पकड़ा, टली अनहोनी
सूचना मिलते ही आरक्षक मौके पर पहुंचे और युवती पर नजर रखी। जैसे ही युवती नदी में कूदने का प्रयास करने लगी, आरक्षक ने फुर्ती दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और सुरक्षित रोक लिया।
महिला पुलिस ने की काउंसलिंग, सुरक्षित घर पहुंचाया
घटना की सूचना पर महिला पुलिस बल मौके पर पहुंचा। युवती की मौके पर काउंसलिंग की गई और बाद में उसे सुरक्षित उसके घर तक पहुंचाया गया। युवती ने बताया कि वह घरेलू परेशानियों और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने आई थी।
जादू-टोना के डर से थी मानसिक रूप से परेशान
युवती ने यह भी बताया कि वह जादू-टोना से जुड़ी बातों को लेकर भय और तनाव में थी। उसने एक युवक से प्रेम संबंध होने और पूर्व में घर छोड़कर जाने की बात भी बताई। उसका आरोप है कि प्रेमी की पत्नी की वजह से वह मानसिक दबाव में रहती थी। फिलहाल पुलिस और सखी सेंटर की टीम युवती की काउंसलिंग कर रही है।
इन दोनों घटनाओं में समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई से दो जिंदगियां बच सकीं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।


